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WhatsApp के 5 नए फीचर्स
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By Analytics Insight
Facebook-Instagram की फीड कैसे होती है तय?
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X Money लॉन्च: अब X ऐप से चुटकियों में भेजें पैसे
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By Ragini Sinha
सैटेलाइट इंटरनेट Vs फाइबर ब्रॉडबैंड: कौन है ज्यादा तेज?
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CFTC लाइसेंस लेकर Binance.US करेगा नई शुरुआत

CFTC लाइसेंस लेकर Binance.US करेगा नई शुरुआत

क्रिप्टो बाजार में Binance.US की बड़ी तैयारी, कंपनी Prediction Markets लॉन्च करने के लिए CFTC लाइसेंस लेना चाहती है।  Binance.US: क्या Binance.US एक बार फिर अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में बड़ी वापसी की तैयारी कर रहा है? आज कंपनी ने बड़ा संकेत दिया है। Binance.US ने घोषणा की है कि वह अगस्त 2026 में अमेरिकी नियामक CFTC से Designated Contract Market (DCM) लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा। अगर मंज़ूरी मिल जाती है, तो कंपनी अपने प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे प्रेडिक्शन मार्केट और दूसरे डेरिवेटिव्स प्रोडक्ट लॉन्च कर पाएगी।  Binance.US Prediction Markets के लिए क्यों जरूरी है DCM लाइसेंस कंपनी के CEO स्टीव ग्रेगरी (Stevie Satoshi) ने लास वेगास में आयोजित Rare Evo कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना की जानकारी दी। DCM लाइसेंस मिलने के बाद Binance.US फ्यूचर्स, ऑप्शंस और इवेंट आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स जैसी सेवाएं सीधे अमेरिकी ग्राहकों को दे सकेगा। हालांकि, अभी कंपनी का आवेदन CFTC की लंबित सूची में शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि लाइसेंस मिलना तय नहीं है और लॉन्च की कोई तारीख भी घोषित नहीं की गई है।  https://x.com/EleanorTerrett/status/2082552199440454021?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2082552199440454021%7Ctwgr%5E807897b7157214086d004bafb6b33a6059b0bddb%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.cryptotimes.io%2F2026%2F07%2F30%2Fbinance-us-to-seek-cftc-license-for-prediction-markets-in-comeback-bid%2F     2022 की ऊंचाई से गिरावट, अब वापसी की तैयारी  Binance.US ने 2022 में अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में करीब 20% हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। लेकिन 2023 में Binance के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और प्रतिबंधों से जुड़े मामलों के बाद कंपनी को बड़ा झटका लगा। 4.3 अरब डॉलर के समझौते और संस्थापक चांगपेंग झाओ के दोष स्वीकार करने के बाद कंपनी की स्थिति कमजोर हो गई। इसके बाद बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतें आईं और SEC के साथ कानूनी विवाद भी शुरू हुआ। अब अधिकांश नियामकीय मामलों के निपटने के बाद Binance.US अपने कारोबार को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।  READ MORE: Crypto DAO में 8.2M
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
𝗚𝗼𝗹𝗱 𝗥𝗮𝘁𝗲 𝟯𝟬 𝗝𝘂𝗹𝘆: 𝟭𝟴𝗞, 𝟮𝟮𝗞 और 𝟮𝟰𝗞 के नए दाम

𝗚𝗼𝗹𝗱 𝗥𝗮𝘁𝗲 𝟯𝟬 𝗝𝘂𝗹𝘆: 𝟭𝟴𝗞, 𝟮𝟮𝗞 और 𝟮𝟰𝗞 के नए दाम

July 30, 2026
Gold Rate Today: 30 जुलाई को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और पुणे में 18K, 22K और 24K सोने के ताजा भाव जानिए। Gold Rate Today: क्या आप आज सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं? तो पहले Gold Rate Today जरूर देख लें। 30 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग दर्ज किए गए हैं। अभी सबसे अधिक कीमत चेन्नई में देखने को मिल रही है, जबकि दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में रेट लगभग समान हैं।  Gold Rate Today: प्रमुख शहरों में आज के लेटेस्ट सोने के भाव देश के अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। आज जारी ताजा रेट इस प्रकार हैं  बेंगलुरु: 18K – 1,06,545.00 | 22K – 1,30,126.96
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

July 29, 2026
क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

July 29, 2026
अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों का बिल आगे बढ़ा, जानें भारत क्यों निशाने पर है और 100% संभावित टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है।  India-US Tariff: अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक बड़ा बिल सीनेट में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को हुए प्रक्रियात्मक मतदान में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 12 सांसदों ने विरोध किया। इसमें रूस की ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत और चीन इस प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे बड़ी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह बिल कानून नहीं बना है।  US Russia Sanctions Bill में भारत क्यों आया निशाने पर?  इस प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है। बिल अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देगा, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। ताजा समझौते के मुताबिक, संभावित टैरिफ का दायरा रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले प्रमुख देशों तक सीमित किया गया है। भारत और चीन इस सूची में महत्वपूर्ण देश माने जा रहे हैं।  भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि रूसी कच्चा तेल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर अमेरिकी कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नया दबाव बन सकता है।  READ MORE: हैदराबाद के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026   भारत पहले से झेल रहा 50% टैरिफ का दबाव  भारत पहले ही अमेरिकी टैरिफ को लेकर दबाव में है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, अगस्त 2025 में अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद कुल अमेरिकी टैरिफ बोझ 50% तक पहुंच गया था। अब नया प्रतिबंध विधेयक सामने आने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून में राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।  रूस से तेल खरीद पर क्या होगा असर?  भारत के लिए रूसी तेल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक अहम विकल्प रहा है। अगर अमेरिका इस बिल को कानून का रूप देता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान की लागत बढ़ सकती है और कई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थकों का तर्क है कि इससे रूस की ऊर्जा आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद पर दबाव पड़ेगा।  READ MORE: सेंसेक्स
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