Gold Price Today: क्या सोने की चमक पर अभी डॉलर और अमेरिकी फेड का दबाव भारी पड़ रहा है? ताजा कारोबार में सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता ने सोने पर दबाव बढ़ाया है। 28 जुलाई को स्पॉट गोल्ड एक हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया था।
Gold Price में गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी, जानें डॉलर की मजबूती, फेड के फैसले और 24K-22K सोने के ताजा रेट का पूरा हाल।
Gold Price: डॉलर मजबूत हुआ तो सोने पर बढ़ा दबाव
अमेरिकी डॉलर के एक महीने के ऊंचे स्तर के करीब बने रहने से डॉलर में बिकने वाला सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया। इससे मांग पर असर पड़ा। 28 जुलाई को स्पॉट गोल्ड 1.2% गिरकर 4,026.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी 0.9% की गिरावट दर्ज हुई और यह 4,038.70 डॉलर पर बंद हुआ। बुधवार को बाजार की नजर फेडरल रिजर्व की नीति बैठक और उसके बाद आने वाले बयान पर रही। बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि ब्याज दरों को लेकर आगे फेड का रुख कैसा रहेगा।
ब्याज दर बढ़ने की आशंका से क्यों टूटता है सोना?
सोना आमतौर पर ब्याज नहीं देता। ऐसे में जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या बढ़ने की उम्मीद होती है, तो निवेशकों को बॉन्ड और दूसरी ब्याज देने वाली संपत्तियां ज्यादा आकर्षक लग सकती हैं। ऊंची ऊर्जा कीमतों से महंगाई की चिंता भी बढ़ी है। इससे बाजार में यह अनुमान मजबूत हुआ कि फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है। इसका असर डॉलर और सोने दोनों पर पड़ा है। हालांकि, सोने को लंबे समय में महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता से बचाव के साधन के तौर पर देखा जाता है। इसलिए ब्याज दरों का रुख बदलने पर सोने में फिर तेजी लौट सकती है।
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भारत में 24K और 22K Gold Price क्या रहा?
IBJA के 28 जुलाई के संकेतक के मुताबिक, 999 शुद्धता वाले सोने का खुदरा संकेतक रेट 14,229 प्रति ग्राम और 22 कैरेट का 13,888 प्रति ग्राम था। ये दरें 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं। आपके दिए IBJA डेटा के अनुसार, मंगलवार के कारोबारी सत्र में 24 कैरेट सोना 1,42,291 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 1,30,339 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट 1,06,718 प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी 2,17,349 प्रति किलो पर बंद हुई। अलग-अलग रिपोर्ट में रेट के अंतर की वजह शुद्धता, समय और रिटेल बनाम स्पॉट कीमतों का अंतर हो सकता है। खरीदारी से पहले ताजा IBJA या स्थानीय ज्वैलर रेट जरूर जांचें।
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आगे सोने का भाव किस दिशा में जाएगा?
अभी बाजार की नजर फेड के फैसले और उसके संकेतों पर है। अगर फेड का रुख सख्त रहता है, तो डॉलर मजबूत रह सकता है और सोने पर दबाव जारी रह सकता है। वहीं ब्याज दरों में नरमी के संकेत मिलने पर सोने को सहारा मिल सकता है। Commerzbank ने 2026 के अंत के लिए सोने का अनुमान घटाकर 4,500 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
