Freehand AI Startup Raises Funding

Freehand की बड़ी छलांग, जुटाए 75 मिलियन डॉलर, बढ़ेगा AI विस्तार

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July 29, 2026

Freehand AI: क्या AI एजेंट्स अब कंपनियों के सप्लाई चेन और खर्च का पूरा काम संभालेंगे? San Francisco स्थित AI स्टार्टअप Freehand ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 625 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है। इस राउंड की अगुवाई Battery Ventures और NewRoad Capital Partners ने की। फंडिंग राउंड में PSP Growth, Nexus Venture Partners और अन्य निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। Freehand इस रकम का इस्तेमाल बड़े उद्यमों में अपने AI प्लेटफॉर्म की तैनाती बढ़ाने के लिए करेगा।

Freehand ने सप्लाई चेन और प्रोक्योरमेंट के लिए AI एजेंट्स को बढ़ाने के लिए 75 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की।

Freehand AI Startup क्या काम करता है?

Freehand को फरवरी 2024 में नितिन जयकृष्णन और अभिजीत मनोहर ने शुरू किया था। कंपनी ऐसे स्वायत्त AI एजेंट विकसित करती है, जो एंटरप्राइज सप्लाई चेन और खर्च से जुड़े काम खुद संभाल सकते हैं।

कंपनी का प्लेटफॉर्म ‘Category Context Graph’ तकनीक पर आधारित है। यह एंटरप्राइज डेटा को कॉन्ट्रैक्ट और कम्युनिकेशन से जुड़ी जानकारी के साथ जोड़ता है। इसके जरिए AI एजेंट खरीद और वित्त से जुड़े कई काम पूरे कर सकते हैं। Freehand के AI एजेंट सप्लायर मैनेजमेंट, इनवॉइस प्रोसेसिंग, पेमेंट ऑपरेशन, कॉन्ट्रैक्ट लागू करने और डेटा मिलान जैसे काम ऑटोमेट करते हैं।

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AI प्लेटफॉर्म से कंपनियों को क्या फायदा?

Freehand के मुताबिक, उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों ने जटिल खरीद श्रेणियों में 5-10% खर्च की रिकवरी की है। वहीं, वर्कफ्लो 5 से 7 गुना तेज पूरे हुए हैं। कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म से खरीद से भुगतान तक का पूरा चक्र यानी procure-to-pay cycle 70% से ज्यादा कम हुआ है। Freehand ने बताया कि उसका AI प्लेटफॉर्म Meta, Unilever, Johnson & Johnson, Pfizer, Dunkin’ और Cardinal Health जैसी कंपनियों में इस्तेमाल हो चुका है।

75 मिलियन डॉलर फंडिंग से अब क्या बदलेगा?

Freehand के सह-संस्थापक और CEO नितिन जयकृष्णन के मुताबिक, कंपनियां हर साल सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर पर $16 बिलियन खर्च करती हैं। इसके अलावा ऐसे कामों के लिए कर्मचारियों पर $348 बिलियन खर्च होता है, जिन्हें मौजूदा सॉफ्टवेयर पूरी तरह नहीं कर पाता। नई फंडिंग के साथ कंपनी अब बड़े उद्यमों में अपने AI एजेंट्स की तैनाती बढ़ाने पर ध्यान देगी। इसका लक्ष्य सप्लाई चेन और वित्तीय कामों को ज्यादा तेज, स्वचालित और कुशल बनाना है।

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Freehand की नई फंडिंग ऐसे समय में आई है, जब कंपनियां AI एजेंट्स के जरिए रोजमर्रा के जटिल कामों को ऑटोमेट करने पर तेजी से ध्यान दे रही हैं। आने वाले समय में एंटरप्राइज सप्लाई चेन में AI की भूमिका और बढ़ सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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