Crypto Market Crash: पिछले दो दिनों से क्रिप्टो मार्केट की हालत ठीक नहीं है। शुक्रवार को भी बाजार में काफी दबाव दिखा। बिटकॉइन की कीमत गिरकर 79 हजार डॉलर के निकट पहुंच गई। अगर एक हप्ते की बिटकॉइन की वैल्यू की बात करें तो अब भी बढ़त में है। बाजार सतर्क है। निवेशक बाजार की अगली चाल का इंतजार कर रहा है।
बिटकॉइन की कीमत में भारी गिरावट के बीच बाजार में डर और उम्मीद दोनों बने हुए हैं। जानें क्यों उछाल आने की कही जा रही है बात।
तेजी के बाद शुरू हुई मुनाफावसूली
पिछले तीन महीने के बाद बुधवार को बिटकॉइन 81,500 डॉलर तक पहुंच गया था। यह जनवरी के बाद सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई। ट्रेडर्स ने तेजी के बाद अपने सौदे काटने शुरू कर दिए। स्ट्रेटेजी इंक. के बिटकॉइन बेचने की बात का भी असर क्रिप्टो मार्केट पर दिखा। गुरूवार को बाजार में गिरावट देखी गई। डॉजकॉइन में आ रही तेजी भी लुढ़कते हुए दिखाई दिए। शुक्रवार को तो और बड़ी गिरावट हुई।
डॉजकॉइन सहित अन्य कॉइन्स में भी गिरावट
सबसे ज्यादा गिरावट Dogecoin में दर्ज की गई। इसके अलावा Ethereum, XRP और बीएनबी भी लाल निशान में रहे। वहीं Solana में हल्की मजबूती दिखाई दी। गुरूवार को भी इसमें तेजी देखी गई थी। बाजार में गिरावट का काऱण वैश्विक तनाव को भी बताया है। रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी दिखी। इसका असर क्रिप्टो मार्केट पर पड़ा।
10 साल का सबसे लंबा निगेटिव ट्रेंड
बिटकॉइन फ्यूचर्स की फंडिंग रेट लगातार 67 दिनों से निगेटिव बनी हुई है। यह पिछले 10 साल का सबसे लंबा दौर बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में ट्रेडर्स अभी भी गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। मार्केट के जानकारों का कहना है कि यही स्थिति आगे तेजी ला सकती है। अगर बिटकॉइन अचानक मजबूत स्तर पार करता है, तो शॉर्ट पोजिशन रखने वाले ट्रेडर्स फंस सकते हैं। उन्हें अपने सौदे बंद करने पड़ेंगे। इससे बाजार में तेजी और तेज हो सकती है। इसे शॉर्ट स्क्वीज कहा जाता है।
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एक्सपर्ट ने क्या कहा?
वहीं, जानमाने मार्केट एक्सपर्ट Alex Kuptsikevich का कहना है कि वर्तमान गिरावट कमजोरी का संकेत नहीं है। बाजार फिलहाल ठहराव के दौर में है। निवेशक अगली लक्ष्य समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए खरीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। बिटकॉइन का आरएसएल हाल ही में ओवरबॉट जोन में पहुंचा था। पहले भी ऐसा होने के बाद तेज गिरावट आई थी। इसी वजह से ट्रेडर्स अभी सावधानी बरत रहे हैं।
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ऑप्शंस मार्केट में बना हुआ है डर
ऑप्शंस मार्केट में भी डर बना हुआ है। कई निवेशक बिटकॉइन खरीद रहे हैं। इतना ही नहीं गिरवट से बचने के लिए हेजिंग भी कर रहे हैं। जिसके दिख रहा है कि बाजार में भरोसा और डर दोनों एक साथ चल रहा है। कुछ रिसर्च फर्म्स का मानना है कि बिटकॉइन आने वाले महीनों में 93 हजार डॉलर तक जा सकता है। हालांकि वहां तक पहुंचने से पहले एक और गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल अब सभी की नजर बिटकॉइन के अगले बड़े मूव पर टिकी है।
