Bitcoin Price Surge: मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच Bitcoin अभी 77,000 डॉलर पर है। फेडरल रिजर्व आज अपना फैसला सुनाएगा।वहीं, यूरोपीय बैंक ऑफ इंडिया भी अपना निर्णय जारी करेगा। लेकिन इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान पतन की ओर है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का डर बढ़ गया है। हालांकि, ईरान एक छोटे समझौते के लिए तैयार दिख रहा है। वह चाहता है कि अमेरिका अपनी पाबंदियां हटा लें।
फेड के फैसले से पहले बिटकॉइन 77,000 डॉलर पहुँचा। जानें होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और क्रिप्टो बाजार पर इसका असर।
सिक्कों की स्थिति और गिरावट
जिसके बाद से बाजार में बिटकॉइन का दबदबा बढ़ रहा है। हलांकि अन्य बड़े सिक्कों में गिरावट आई है। ईथर 2.6 प्रतिशत गिरकर 2,310 डॉलर पर आ गया। XRP और सोलाना भी 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटे हैं। BNB में भी 2.3 प्रतिशत की कमी देखी गई। लेकिन Dogecoin ने सबको चौंका दिया। यह एक हफ्ते में 5.5 प्रतिशत चढ़ा है। टॉप-10 में केवल यही हरा निशान दिखा रहा है।
कम हुए बेचने वाले
मार्केट के जानकार जहीर एब्टिकर ने बाजार पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अब बेचने वाले कम बचे हैं। डरने वाले निवेशक पहले ही निकल चुके हैं। बाजार में अब सप्लाई का दबाव बहुत कम है। उनके अनुसार, बिटकॉइन अब खबरों से ज्यादा नहीं हिलता। इसकी चाल अब मार्केट की हलचल पर टिकी है। फिलहाल, बाजार शांत और सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
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तकनीकी स्तर और 75,000 डॉलर का सपोर्ट
विश्लेषकों के लिए 75,000 डॉलर का स्तर बहुत खास है। यह बिटकॉइन के लिए एक मजबूत सपोर्ट लाइन है। अगर यह स्तर टूटता है, तो बड़ी गिरावट आ सकती है। लेकिन अगर यह 80,000 डॉलर तक पहुँचता है। लेकिन रैली जारी रहेगी। फरवरी से बिटकॉइन इस रेजिस्टेंस को पार नहीं कर पाया है। अब सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं।
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महंगाई और कच्चे तेल का असर
कच्चे तेल की कीमत 111 डॉलर के करीब है। ब्लॉक की खबरों से तेल की कीमतें अस्थिर हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा फिर से पैदा हो गया है। अमेरिकी शेयर बाजार में भी मंगलवार को गिरावट दिखी। एआई कंपनियों के मुनाफे पर अब शक होने लगा है। इन सब मैक्रो झटकों के बीच बिटकॉइन की असली परीक्षा होनी बाकी है।
