ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की सुरक्षा अब AI के हाथ, IBM का बड़ा ऐलान

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की सुरक्षा अब AI के हाथ, IBM का बड़ा ऐलान

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May 29, 2026

IBM Project Lightwell: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद टेक कंपनियां इसे रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत तो कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ साइबर हमले के साथ-साथ सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन पर हमला ने चिंता बढा दी है। बैंकिंग, क्लाउड या सरकारी सिस्टम में इस्तेमाल होनेवाले हजारों ओपन सोर्स सुरक्षा के लिहाज से बड़ा जोखिम बनते जा रहे हैं। इसी खतरों से निपटने के लिए IBM और Red Hat ने Project Lightwell नाम की नई पहल शुरू की है।

IBM और Red Hat का नया प्रोजेक्ट बैंकिंग और एंटरप्राइज सेक्टर के लिए ओपन सोर्स सुरक्षा का नया मॉडल करेगा तैयार। जानिए कैसे करेगा काम।

5 अरब डॉलर का बड़ा दांव

इस कार्य के लिए आईबीएम और उसकी सहायक कंपनी Red Hat करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करने जा रही हैं। इसके साथ 20,000 से अधिक इंजीनियरों की टीम भी बनाई गई है। कंपनी उद्देश्य ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को शुरू से ही ज्यादा सुरक्षित बनाना है। टेक जगत में इसे अबतक के सबसे बड़े ओपन सोर्स सिक्योरिटी अभियान के तौर पर देखा जा रहा है।

एआई करेगा सुरक्षा की निगरानी

Project Lightwell का सबसे बड़ा हिस्सा इसका एआई-आधारित सिक्योरिटी सिस्टम होगा। यह सिस्टम हजारों ओपन सोर्स कोड बेस को लगातार स्कैन करेगा। एआई यह पहचान करेगा कि कौन-सी कमजोरी सबसे खतरनाक है। उसकी पहचान कर फौरन ठीक करेगा। कंपनी यह मान रही है कि वर्तमान मैनुअल सिक्योरिटी जांच अब पर्याप्त नहीं है, क्योंकि ओपन सोर्स सिस्टम बेहद तेजी से बढ़ रहा है।

केवल पैच नहीं, पूरा सिक्योर सप्लाई चेन मॉडल

यह बग फिक्सिंग के अलावे सीधे ओपन सोर्स कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करेंगे। इसमें एआई-सहायता प्राप्त वल्नरेबिलिटी रिव्यू, लंबे समय तक लाइफसाइकल मैनेजमेंट शामिल होगा। बता दें कि प्रोजेक्ट लाइटवेल  में शुरुआत से ही दुनिया के कई बड़े बैंक और फाइनेंशियल संस्थान शामिल हो गए हैं। इनमें बैंक ऑफ अमेरिका, सिटी बैंक, JPMorganChase औऱ Visa जैसी कंपनियां शामिल हैं।

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एआई युग में ओपन सोर्स की नई भूमिका

आईबीएम के CEO Arvind Krishna ने कहा कि आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक एआई सिस्टम की नींव ओपन सोर्स पर टिकी हुई है। एआई का उपयोग के साथ ओपन सोर्स सुरक्षा की अहमियत भी बढ़ती जा रही है। आनेवाले समय में भरोसेमंद और सुरक्षित सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन भी काफी जरूरी होगी। यह बिजनेस स्थिरता के लिए भी यह बहुत ही जरूरी है।

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टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत

उक्त बातों से पता चलता है कि अब ओपन सोर्स केवल डेवलपर्स का प्रोजेक्ट नहीं रहा। डिजिटल सेवाओं की रीढ़ बन चुका है। आनेवाले समय इसी तरह के प्रयास अन्य टेक कंपनी द्वारा करते हुए दिखाई दे जाए तो कोई आश्चर्य की बात है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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