US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ अमेरिका कई देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देश एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
भारत और अमेरिका के बीच बड़ा व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंचा, अमेरिकी राजदूत के अनुसार डील का 99% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही अंतिम सहमति बन सकती है।
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए विशेष राष्ट्रपति दूत सर्जियो गोर ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, समझौते का 99 प्रतिशत हिस्सा तैयार है और केवल 1 प्रतिशत काम बाकी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
टैरिफ प्रस्ताव के बीच जारी है बातचीत
हाल ही में अमेरिका ने 60 देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव कथित तौर पर फोर्स्ड लेबर से जुड़े मामलों की जांच के बाद सामने आया है। यदि यह लागू होता है तो भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के कुछ उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
लगातार हो रही हैं उच्चस्तरीय बैठकें
भारत सरकार ने साफ किया है कि इन प्रस्तावित शुल्कों के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता लगातार जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में भारत और अमेरिका की व्यापार टीमों ने नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच कई दौर की बैठकें की हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी अमेरिकी प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले हैं। सर्जियो गोर के मुताबिक अब जो मुद्दे बचे हैं, वे मुख्य रूप से कानूनी और तकनीकी प्रकृति के हैं। यानी बड़े व्यापारिक और रणनीतिक मुद्दों पर दोनों पक्ष पहले ही सहमति बना चुके हैं।
भारत और अमेरिका दोनों को होगा फायदा
यह समझौता भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विनिर्माण, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग सामान, दवा उद्योग और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है। वहीं अमेरिका भी अपने कारोबार और निवेश के अवसर बढ़ाना चाहता है।
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निवेश और रणनीतिक साझेदारी भी बढ़ रही
गोर ने भारतीय वार्ताकारों की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत के पास बेहद मजबूत और अनुभवी बातचीत करने वाली टीम है, जिसके कारण कई मुद्दों पर भारत ने अपने हितों की प्रभावी तरीके से रक्षा की है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 20 वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसके अलावा अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं। अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियां भारत में अरबों डॉलर के निवेश की योजनाओं पर काम कर रही हैं।
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दोनों देशों के बीच व्यापारिक और रणनीतिक रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत होते दिख रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि समझौते का बचा हुआ 1 प्रतिशत हिस्सा कब पूरा होता है और यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता कब आधिकारिक रूप से घोषित किया जाता है।
