Stock Market India: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव बना रहा और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली और तेज हो गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
शेयर बाजार में भूचाल Sensex 700 से ज्यादा अंक गिरा, Nifty 23300 के नीचे, मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार में मचा हड़कंप।
Sensex and Nifty में भारी गिरावट
BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक Sensex कारोबार के दौरान 726.56 अंक टूटकर 73,923.28 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty भी 190.20 अंक यानी 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,285 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत भी कमजोर रही थी। Sensex 142 अंकों की गिरावट के साथ 74,507 पर खुला था, जबकि Nifty 67 अंक फिसलकर 23,415 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में आई कमजोरी बाद में और गहरी हो गई।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
एशिया-पैसिफिक बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स करीब 1,400 अंक यानी 2.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68,213 के पार निकल गया, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.93 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। हालांकि, हांगकांग के शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। Hang Seng Index 1.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,731 के स्तर पर आ गया। दक्षिण कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे।
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अमेरिकी बाजारों में रही मजबूती
2 जून के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 228.91 अंक यानी 0.45 प्रतिशत बढ़कर 51,307.79 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 पहली बार 7,600 के ऐतिहासिक स्तर को पार करते हुए 7,609.78 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक कंपोजिट में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 27,093.90 के स्तर पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.25 प्रतिशत बढ़कर 94.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 1.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। तेल की बढ़ती कीमतें आयात पर निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं।
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अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ी वजह
बाजार की गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के तट के पास केश्म द्वीप पर हवाई हमला किया, जिसमें ईरानी सेना के एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस बढ़ते तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही डॉलर इंडेक्स 99.24 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.27 पर बंद हुआ।
