आज से बदल गई शेयर बाजार की टाइमिंग? निवेशकों के लिए जरूरी

आज से बदल गई शेयर बाजार की टाइमिंग? निवेशकों के लिए जरूरी

7 mins read
11 views
August 3, 2026

Stock Market Timings Change: 3 अगस्त से भारतीय शेयर बाजार में Closing Auction Session (CAS) शुरू हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर F&O शेयरों, ट्रेडर्स और बड़े निवेशकों पर पड़ेगा। नए नियम का मकसद क्लोजिंग प्राइस को ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाना है।

आज से शेयर बाजार में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। जानिए F&O शेयरों की नई ट्रेडिंग टाइमिंग, Closing Auction Session और निवेशकों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

F&O शेयरों की ट्रेडिंग टाइमिंग में क्या बदला?

अब सभी मार्केट सेगमेंट एक ही समय पर बंद नहीं होंगे। Non-F&O शेयर पहले की तरह दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेड होंगे। वहीं F&O शेयरों में सामान्य ट्रेडिंग सिर्फ 3:15 बजे तक होगी। इसके बाद 3:15 बजे से 3:35 बजे तक Closing Auction Session चलेगा। इसके साथ ही स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग अब 3:40 बजे तक जारी रहेगी। यानी, पहले के मुकाबले 10 मिनट ज्यादा ट्रेडिंग का समय मिलेगा। पोस्ट-क्लोज सत्र 3:50 बजे से 4:00 बजे तक पहले जैसा रहेगा।

कैसे तय होगी अब क्लोजिंग प्राइस?

अब तक क्लोजिंग प्राइस VWAP (Volume Weighted Average Price) के आधार पर तय होती थी, लेकिन नए सिस्टम में सभी खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक साथ जोड़कर एक संतुलित कीमत (Equilibrium Price) निकाली जाएगी। यही F&O शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस होगी। नियामक का मानना है कि इससे बाजार की वास्तविक मांग और आपूर्ति बेहतर तरीके से सामने आएगी। बड़े ऑर्डर का असर भी पहले की तुलना में कम होगा।

READ MORE: आज शेयर बाजार में तेजी, जानें कौन से शेयर दौड़े

Closing Auction Session का पूरा शेड्यूल

नया Closing Auction Session तय समय के अनुसार चलेगा।

  • 3:15 PM – 3:20 PM: ट्रांजिशन और रेफरेंस प्राइस तय होगी।
  • 3:20 PM – 3:25 PM: मार्केट और लिमिट ऑर्डर दोनों लगाए जा सकेंगे।
  • 3:25 PM – 3:30 PM: केवल लिमिट ऑर्डर स्वीकार होंगे।
  • 3:28 PM – 3:30 PM: ऑर्डर एंट्री रैंडम तरीके से बंद होगी।
  • 3:30 PM – 3:35 PM: ऑर्डर मैच होंगे और अंतिम क्लोजिंग प्राइस तय होगी।

ट्रेडर्स और निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर डे-ट्रेडर्स, F&O ट्रेडर्स, संस्थागत निवेशकों और फंड मैनेजर्स पर पड़ सकता है। डेरिवेटिव्स में अतिरिक्त 10 मिनट मिलने से निवेशकों को अपनी पोजिशन हेज करने, इंट्राडे ट्रेड बंद करने और बाजार की चाल के अनुसार फैसला लेने का ज्यादा समय मिलेगा। वहीं सामान्य, निवेशकों के लिए रोजमर्रा के निवेश पर बड़ा असर देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, F&O शेयरों में क्लोजिंग प्राइस पहले से ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद होने की उम्मीद है।

READ MORE: शेयर बाजार में आज कोहराम, Sensex 400 अंक फिसला

आज से लागू हुआ Closing Auction Session भारतीय शेयर बाजार का बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी और बड़े सौदों का प्रभाव कम होगा। आने वाले समय में इसका फायदा खासकर F&O बाजार और संस्थागत निवेशकों को मिलने की उम्मीद है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss