Haryana Data Centre: रियल एस्टेट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Anant Raj ने हरियाणा में अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि वह राज्य में डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस बिजनेस के विस्तार के लिए करीब 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कंपनी का यह निवेश केवल रियल एस्टेट तक ही सीमित नहीं है; बल्कि, यह प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं के प्रति इसके प्रबल झुकाव को दर्शाता है। देश में डेटा स्टोरेज और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग लगातार बढ़ रही है, और इसी को देखते हुए Anant Raj अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को तेजी से विस्तार दे रही है।
हरियाणा में Anant Raj का बड़ा निवेश, कंपनी डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं के विस्तार के लिए 25,000 करोड़ रुपये लगाएगी और डिजिटल ग्रोथ को बढ़ावा देगी।
हरियाणा सरकार के साथ MoU साइन
इस निवेश के तहत Anant Raj ने हरियाणा सरकार के Haryana Enterprises Promotion Centre (HEPC) के साथ एक समझौता (MoU) साइन किया है। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना और विकास को तेज करना है।
इस साझेदारी के तहत, कंपनी हरियाणा में अपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगी, जबकि सरकार आवश्यक स्वीकृतियाँ और व्यावसायिक सहायता प्रदान करेगी। यह प्रोजेक्ट सरकार की ‘Make in Haryana Policy’ के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य राज्य को औद्योगिक और तकनीकी हब बनाना है।
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भारत का डेटा सेंटर बाजार तेजी से बढ़ रहा है
भारत में डेटा सेंटर इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है। IMARC Group की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत के डेटा सेंटर बाज़ार का मूल्य लगभग $5.55 बिलियन था, जो 2034 तक बढ़कर लगभग $13.11 बिलियन तक पहुँच सकता है।
इस वृद्धि के पीछे क्लाउड टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कलोड, डिजिटल पेमेंट्स और डेटा लोकलाइजेशन जैसी जरूरतें प्रमुख कारण हैं। ऐसे में Anant Raj का यह निवेश हरियाणा को उत्तर भारत में एक प्रमुख डिजिटल हब बनाने में मदद करेगा।
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डिजिटल बिजनेस की ओर रणनीतिक बदलाव
कंपनी पहले ही अपने रियल एस्टेट और डेटा सेंटर बिजनेस को अलग-अलग करने पर विचार कर रही है। मई में कंपनी ने संकेत दिया था कि वह अपने डेटा सेंटर डिवीजन का डिमर्जर कर सकती है, ताकि इस तेजी से बढ़ते सेक्टर पर अधिक फोकस किया जा सके। यह नया निवेश कंपनी की रणनीति को और मजबूत करता है, जिसमें वह भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा बनकर क्लाउड और डेटा सेवाओं में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
