US-Iran Ceasefire: क्या पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार रोक देगा? आज शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई। ताज़ा कारोबार में BSE Sensex 350 अंकों से ज्यादा टूटकर 77,800 के करीब पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 122 अंक गिरकर 24,300 के नीचे फिसल गया। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही।
Stock Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले, जानें शेयर बाजार में गिरावट की वजह, कच्चे तेल की तेजी और निवेशकों के लिए आगे के संकेत।
US-ईरान तनाव से शेयर बाजार पर बढ़ा दबाव
बाजार खुलने से पहले ही GIFT Nifty ने कमजोर शुरुआत के संकेत दे दिए थे। यह करीब 211 अंक की गिरावट के साथ 24,230 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ हो गया था कि घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की है और ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर फिर से प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया, जब ईरान ने हॉरमुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया। इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी दिखी कमजोरी
भारत ही नहीं, एशिया के ज्यादातर शेयर बाजार भी दबाव में रहे।
- जापान का निक्केई 225 करीब 0.5% गिरा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 0.8% टूटा।
- अमेरिकी बाजारों में भी डॉव जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक में 1% से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई।
वैश्विक निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं।
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कच्चा तेल चढ़ा, सोना-चांदी में मुनाफावसूली
भूराजनीतिक तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल पर देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3% बढ़कर 75.78 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल चिंता बढ़ा सकता है। इससे महंगाई, चालू खाते का घाटा और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है।
दूसरी ओर, सोने और चांदी में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। सोना करीब 1% और चांदी लगभग 2% तक फिसल गई।
आगे बाजार की दिशा किस पर रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वहीं, निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों की अगली रणनीति पर भी रहेगी।
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फिलहाल शेयर बाजार पर वैश्विक तनाव का साफ असर दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया की स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं।
