Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पूरी दुनिया के तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है। पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। हालांकि अभी थोड़ी नरमी आई है, लेकिन इस उछाल ने भारत जैसे तेल आयातक देशों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
क्या महंगे कच्चे तेल से FY27 में कंपनियों की कमाई प्रभावित होगी? पढ़ें बढ़ती महंगाई, तेल कीमतों और एविएशन, FMCG, केमिकल व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ने वाले असर।
महंगाई फिर बढ़ने का खतरा
पिछले कुछ समय से महंगाई काफी हद तक काबू में थी, जिससे कंपनियों को राहत मिली हुई थी और उनका मुनाफा भी बेहतर हो रहा था। लेकिन तेल के दाम बढ़ने से अब यह तस्वीर बदल सकती है। जब ईंधन महंगा होता है तो परिवहन, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा पर निर्भर हर उद्योग की लागत बढ़ जाती है। थोक महंगाई में दबाव के संकेत पहले से दिखने लगे हैं और आगे चलकर रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रही तो RBI के लिए ब्याज दरें घटाना मुश्किल हो जाएगा।
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कंपनियों की कमाई पर क्या असर होगा?
तेल महंगा होने का असर हर कंपनी पर एक जैसा नहीं होता। जिन कंपनियों का काम ईंधन, आयातित कच्चे माल या तेल आधारित उत्पादों पर टिका है, उनके मुनाफे पर सबसे पहले चोट पड़ेगी। कुछ कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने के लिए कीमतें बढ़ा सकती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ग्राहक यह बढ़ी हुई कीमतें स्वीकार करेंगे या नहीं। मजबूत ब्रांड वाली कंपनियां इस स्थिति को बेहतर संभाल सकती हैं।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव?
- एविएशन सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित होगा क्योंकि एयरलाइंस का बड़ा खर्च एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर होता है। अगर टिकट कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो मुनाफा सीधे दबाव में आएगा।
- पेंट और केमिकल कंपनियां भी मुश्किल में पड़ सकती हैं क्योंकि इनका कच्चा माल सीधे तेल से जुड़ा होता है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन घटेगा।
- FMCG सेक्टर में परिवहन, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ेगी। बड़ी कंपनियां कुछ हद तक इसकी भरपाई कर लेंगी, लेकिन ग्रामीण इलाकों में मांग कमजोर पड़ सकती है।
- सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए ईंधन और लॉजिस्टिक्स पहले से बड़ी लागत हैं। महंगाई बढ़ने से परियोजनाओं का खर्च और मुनाफे का मार्जिन दोनों प्रभावित होंगे।
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आगे बाजार का क्या रुख रहेगा?
FY27 के लिए कंपनियों की कमाई को लेकर अभी भी उम्मीदें बनी हुई हैं। लेकिन अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो कई सेक्टरों के लिए कमाई के अनुमान घटाए जा सकते हैं। Q1 FY27 के नतीजों में इसका पहला असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों, तेल की कीमतों और तिमाही नतीजों पर टिकी है। अगर अमेरिका-ईरान तनाव कम हुआ और तेल कीमतें स्थिर रहीं, तो भारत की अर्थव्यवस्था और कंपनियों दोनों को राहत मिल सकती है।
