42 मिलियन रिकॉर्ड लीक का दावा: क्या ShinyHunters ने सच में Charter को हैक किया?

42 मिलियन रिकॉर्ड लीक का दावा: क्या ShinyHunters ने सच में Charter को हैक किया?

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May 29, 2026

Charter data leak:  साइबर हमलों के लिए विश्वभर में कुख्यात ShinyHunters समूह ने एक बार फिर बड़े स्तर डेटा चोरी करने का दावा किया है। जिसके बाद से सुरक्षा से जुड़े कंपनियों के बीच में हड़कंप मच गया है। इस समूहों के निशान पर इसबार अमेरिका के टेलीकॉम Charter Communications का रहा है। कथित चोरी ग्रुप ने डार्क वेब पर अपनी लीक साइट के माध्यम से सार्वजनिक भी कर दिया है।

ShinyHunters ग्रुप ने वॉइस फ़िशिंग से डेटा चोरी कर डार्क वेब पर किया प्रकाशित, कंपनी ने जांच की शुरू। जानें क्या पूरा मामला।

रैनसम मांग और डेटा लीक की रणनीति

बता दें कि यह समूह काफी लंबे समय से वॉइस फिशिंग कर तकनीक का उपयोग कर कंपनियों के नेटवर्क में घुसपैठ करता है। सिस्टम में पहुंचता है। डेटा चुराकर कंपनियों को धमकी देता है। इसके बदले में फिरौती भी मांगता है। कहता है अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। चार्टर के मामले में भी संकेत मिलते हैं कि कथित तौर पर कंपनी ने किसी तरह की फिरौती का भुगतान नहीं किया, जिसके बाद डेटा ऑनलाइन डाल दिया गया।

4.2 करोड़ रिकॉर्ड का दावा, असली आंकड़ा कम

हैकर्स ने दावा किया है कि उनके पास लगभग 42 मिलियन ग्राहक रिकॉर्ड हैं। इनमें कई संवेदनशील जानकारियां भी शामिल है। वास्तविक में करीब 4.9 मिलियन यूनिक ईमेल आईडी प्रभावित हुई हैं, जो कुल दावे से काफी कम है।

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किस तरह की जानकारी हुई प्रभावित

ये अपराधी डेटा में नाम, ईमेल, फोन नंबर और पते जैसी व्यक्तिगत जानकारी शामिल है। इसके अलावा लगभग 85,000 ऐसे रिकॉर्ड भी पाए गए हैं। इनमे जॉब टाइटल जैसी प्रोफेशनल जानकारी शामिल है। पिछले एक साल में शाइनीहंटर्स ने कई बार बड़े से बड़े संगठनों को निशाना बनाने का दावा किया। Canvas और Grafana जैसी कंपनियाँ भी शामिल बताई जाती हैं।

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 Charter की स्थिति और कंपनी का बयान

चार्टर कम्युनिकेशंस अमेरिका की सबसे बड़ी ब्रॉडबैंड कंपनियों में से एक है।  जिसके 3 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। वहीं, कंपनी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि के साथ मिलकर काम कर रही है। वो कह रहे हैं कि यह केवल सेल्स टूल्स से प्रभावित हुए हैं।  जबकि CPNI लीक नहीं हुई है। इसने यह साफ है कि हैकिंग ग्रुप्स द्वारा किए गए दावे कितने वास्तविक और कितने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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