AI से बैंकिंग होगी स्मार्ट, कर्ज और सुरक्षा में बड़ा बदलाव

AI से बैंकिंग होगी स्मार्ट, कर्ज और सुरक्षा में बड़ा बदलाव

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August 11, 2026

AI Banking India: SBI चेयरमैन सीएस सेट्टी के मुताबिक, AI किसानों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण ग्राहकों तक कर्ज पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी बैंकों से AI को तेजी से अपनाने के बजाय उसकी जिम्मेदारी और जोखिम समझने पर जोर दिया है।

AI अब बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव लाएगा, जानिए किसानों, MSME और छोटे कारोबारियों को कर्ज दिलाने में AI कैसे मदद करेगा।

AI से किसानों को मिलेगा आसान कर्ज

अभी बैंकों में AI का इस्तेमाल सबसे ज्यादा रिटेल बैंकिंग में हो रहा है। इसकी बड़ी वजह ग्राहकों से जुड़ा ज्यादा डेटा है। इस डेटा की मदद से बैंक AI का इस्तेमाल करके ग्राहकों को समझने, सेवाओं को बेहतर बनाने और लोन से जुड़े फैसले लेने का काम कर रहे हैं। अब इसका अगला चरण ग्रामीण भारत हो सकता है। SBI चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड, AI आधारित जोखिम आकलन और सैटेलाइट डेटा से खेती से जुड़े फैसले बेहतर हो सकते हैं।

इससे बैंकों को किसान की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है। खासकर उन किसानों को फायदा हो सकता है, जिनके पास पारंपरिक क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है। सेट्टी के मुताबिक, खेती से जुड़े कुछ कर्ज देने के तरीके पहले से AI पर आधारित हैं। असली चुनौती इन्हें गांवों और दूरदराज के इलाकों तक कम लागत में पहुंचाने की है।

AI से MSME को भी मिल सकता है बड़ा फायदा

AI का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे कारोबार यानी MSME भी इसका बड़ा फायदा उठा सकते हैं। कई छोटे कारोबारियों के पास लंबी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती। ऐसे में बैंक पारंपरिक तरीकों से उनकी कर्ज क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगा पाते। AI ज्यादा डेटा का विश्लेषण करके इस तस्वीर को बदल सकता है। इससे बैंक कर्ज देने का फैसला सिर्फ पुराने रिकॉर्ड के आधार पर नहीं, बल्कि कई दूसरे संकेतों को देखकर कर सकते हैं। इसका सीधा फायदा उन छोटे कारोबारियों को मिल सकता है, जो औपचारिक कर्ज व्यवस्था से अभी दूर हैं। भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में आसान और तेज कर्ज पहुंच अहम मानी जा रही है।

RBI गवर्नर बोले- AI अपनाने से पहले जिम्मेदारी समझें

FIBAC 2026 सम्मेलन में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने AI के बढ़ते असर पर बात की। उन्होंने कहा कि बैंकों को सिर्फ बाजार में AI उतारने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक, बैंकों को पहले समझना होगा कि AI क्या कर सकता है और उसके फैसलों के लिए जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने इसे बैंकिंग के काम करने के तरीके में बड़ी सोच बदलने से जोड़ा। AI का असर जोखिम आकलन, ग्राहक सेवा, पूंजी की कीमत तय करने और वित्तीय संस्थानों के कामकाज पर पड़ सकता है।

मल्होत्रा ने भारत की डिजिटल व्यवस्था को AI के लिए मजबूत आधार बताया। उन्होंने Aadhaar, UPI, DigiLocker, ONDC, Account Aggregator और Unified Lending Interface जैसे प्लेटफॉर्म का जिक्र किया। उनके मुताबिक, यही डिजिटल ढांचा निजी क्षेत्र में AI आधारित वित्तीय सेवाओं की नींव बन सकता है।

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AI के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ेगी

AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ जोखिम भी बढ़ेंगे। SBI चेयरमैन ने चेताया कि नई तकनीक ठगों को भी ज्यादा ताकतवर बना सकती है। AI की मदद से होने वाले नए तरह के वित्तीय धोखे पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को पीछे छोड़ सकते हैं। इसलिए बैंकों को साइबर सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन को और मजबूत करना होगा। AI सिस्टम जितने ज्यादा स्वतंत्र होंगे, उतनी ही ज्यादा निगरानी जरूरी होगी। बैंकों को मॉडल जोखिम, पारदर्शिता और जवाबदेही पर खास ध्यान देना होगा। RBI गवर्नर ने भी साफ संकेत दिया कि AI की रफ्तार से ज्यादा जरूरी उसे सही तरीके से समझना है। जो बैंक तकनीक और उसके नतीजों की जिम्मेदारी समझेंगे, वही इस बदलाव में आगे रहेंगे।

भारतीय Banking Sector में शुरू हुआ बड़ा बदलाव

भारतीय Banking Sector में AI अब सिर्फ चैटबॉट या ग्राहक सेवा की तकनीक नहीं रह गया है। इसका दायरा कर्ज, ग्रामीण वित्त, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय फैसलों तक पहुंच रहा है। बैंकों के लिए चुनौती अब सिर्फ AI अपनाने की नहीं, बल्कि इसे सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की है। RBI ने यह भी बताया कि बैंक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से मौजूदा योजना के अनुसार Basel III नियमों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय बैंक ने क्रेडिट जोखिम पूंजी, अपेक्षित क्रेडिट नुकसान, प्रोजेक्ट फाइनेंस, संबंधित पक्षों के लेनदेन और लाभांश नीति से जुड़े दिशानिर्देश भी पूरे कर लिए हैं।

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AI भारतीय बैंकिंग की अगली बड़ी ताकत बन सकता है। किसानों और MSME को कर्ज दिलाने से लेकर जोखिम पहचानने तक इसका इस्तेमाल बढ़ेगा। लेकिन बैंकों को इसके साथ सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत करनी होगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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