Cyber Security News: Google, FBI और अमेरिका की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने मिलकर एक बड़े AI फिशिंग नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू की है। आरोप है कि यह नेटवर्क नकली वेबसाइट और फर्जी संदेशों के जरिए दुनियाभर के लोगों को निशाना बना रहा था। Google का कहना है कि इस गिरोह ने लाखों फिशिंग संदेश भेजे और हजारों नकली वेबसाइट बनाई, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
Google और FBI ने चीनी ‘आउटसाइडर एंटरप्राइज’ फिशिंग नेटवर्क पर कार्रवाई की, 1.9 अरब डॉलर का साइबर स्कैम उजागर।
AI फिशिंग नेटवर्क पर Google और FBI की संयुक्त कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, ‘Outsider Enterprise’ नाम का यह नेटवर्क चीन से संचालित हो रहा था। Google ने इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी का आरोप है कि यह समूह साइबर अपराधियों को तैयार फिशिंग टूल उपलब्ध कराता था। इसके जरिए कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी कर सकते थे। गूगल ने अपनी जांच में दस लाख से ज़्यादा खतरनाक वेब एड्रेस और हज़ारों फ़र्ज़ी वेबसाइटों की पहचान की है। ये साइटें बैंकों, सरकारी संस्थाओं और बड़ी कंपनियों की नकल करती थीं।
AI की मदद से फैलाया गया साइबर जाल
Google के मुताबिक, इस नेटवर्क ने जनरेटिव AI और Gemini जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर फर्जी संदेश और वेबसाइट तैयार किए।
ठग लोगों को फंसाने के लिए कई तरह के संदेश भेजते थे:
- फर्जी पार्सल डिलीवरी नोटिस
- नकली टोल टैक्स बकाया संदेश
- पार्किंग जुर्माना नोटिस
- मोबाइल रिवार्ड ऑफर
इन संदेशों के जरिए यूजर्स से पासवर्ड, बैंक कार्ड डिटेल, OTP और अन्य निजी जानकारी हासिल की जाती थी। मई में सिर्फ दो सप्ताह के दौरान Android यूजर्स ने करीब 55,000 स्पैम मैसेज रिपोर्ट किए। इसी अवधि में Google ने 25 लाख संदिग्ध संदेश भी पकड़े।
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करोड़ों डॉलर का नुकसान, 55 देशों में फैला नेटवर्क
FBI के अनुसार यह नेटवर्क 2023 से सक्रिय था और अमेरिका समेत 55 देशों को निशाना बना चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अपराधियों ने करीब 39 लाख क्रेडिट कार्ड की जानकारी चोरी की। इससे लगभग 1.9 अरब डॉलर के वित्तीय नुकसान का अनुमान लगाया गया है। Google का कहना है कि इस नेटवर्क के पास 290 से ज्यादा फिशिंग टेम्पलेट थे। इनकी मदद से बैंक, टेलीकॉम कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसी नकली साइटें बनाई जाती थीं।
टेलीकॉम कंपनियां भी आईं मैदान में
अब Google, AT&T, T-Mobile और Verizon जैसी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। लक्ष्य है कि फर्जी संदेशों को ग्राहकों तक पहुंचने से पहले ही रोका जाए। FBI की ‘Operation Riptide’ के तहत अधिकारियों ने कई डोमेन जब्त किए हैं। साथ ही करीब 1 लाख डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी भी कब्जे में ली गई है। Google का दावा है कि उसके सुरक्षा सिस्टम हर महीने 10 अरब से अधिक खतरनाक संदेशों को ब्लॉक कर रहे हैं।
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AI फिशिंग अब दुनिया की सबसे बड़ी साइबर चुनौतियों में से एक बन चुकी है। Google, FBI और टेलीकॉम कंपनियों की यह संयुक्त कार्रवाई ऑनलाइन ठगी पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है। हालांकि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई नए नाम और नेटवर्क सामने आ सकते हैं।
