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Anthropic रिपोर्ट में खुलासा, AI से खतरनाक बने साइबर अपराधी

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June 4, 2026

Cybersecurity News India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ लोगों की मदद करने तक सीमित नहीं है। नई रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी भी तेजी से AI का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे उनके हमले पहले से ज्यादा खतरनाक बनते जा रहे हैं। AI कंपनी Anthropic ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि हैकर्स अब केवल फिशिंग ईमेल या मालवेयर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेटवर्क में घुसने, पासवर्ड चुराने और सिस्टम पर नियंत्रण हासिल करने जैसे कामों में भी AI का उपयोग कर रहे हैं।

रिपोर्ट मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच बंद किए गए 832 संदिग्ध अकाउंट्स के विश्लेषण पर आधारित है। इन अकाउंट्स को साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों के कारण प्लेटफॉर्म से हटाया गया था।

साइबर अपराध की दुनिया में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। नई रिपोर्ट बताती है कि हैकर्स नेटवर्क एक्सेस, डेटा चोरी और मालवेयर गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रहे हैं।

AI की मदद से बढ़ रही है हैकर्स की ताकत

Anthropic के अनुसार, जांच में शामिल 832 अकाउंट्स में से 560 अकाउंट्स यानी करीब 67.3 प्रतिशत ने मालवेयर (हानिकारक सॉफ्टवेयर) से जुड़े कामों में AI का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता की बात यह सामने आई कि कुछ अपराधी AI की मदद से किसी नेटवर्क में घुसने के बाद उसके भीतर आगे बढ़ने और दूसरे सिस्टम तक पहुंच बनाने में सफल हो रहे हैं। साइबर सुरक्षा की भाषा में इसे ‘Lateral Movement’ कहा जाता है। कंपनी का कहना है कि AI उन लोगों को भी जटिल साइबर हमले करने में सक्षम बना रहा है जिनके पास पहले ज्यादा तकनीकी कौशल नहीं था।

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रिपोर्ट में सामने आए अहम आंकड़े

निष्कर्ष जानकारी
जांचे गए अकाउंट 832
मालवेयर से जुड़े AI उपयोग 560 अकाउंट
दर्ज संदिग्ध गतिविधियां 13,873
अलग-अलग साइबर तकनीकें 482
उच्च जोखिम वाले अकाउंट 33% से बढ़कर 56%

इन आंकड़ों से साफ है कि साइबर अपराधियों की गतिविधियां तेजी से विकसित हो रही हैं और AI इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।

पुराने सुरक्षा मॉडल पर उठे सवाल

Anthropic का कहना है कि अब केवल किसी हैकर के कौशल या इस्तेमाल किए गए टूल्स के आधार पर खतरे का आकलन करना पर्याप्त नहीं है। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि AI का उपयोग किस चरण में किया जा रहा है। रिपोर्ट में एक ऐसे साइबर जासूसी अभियान का भी जिक्र किया गया है जिसमें AI ने खुद कमांड चलाने, कमजोरियों का फायदा उठाने और पासवर्ड चुराने जैसे फैसले लेने में भूमिका निभाई थी।

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कंपनी का मानना है कि साइबर सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला MITRE ATT&CK फ्रेमवर्क भी AI युग के अनुसार अपडेट करने की जरूरत महसूस कर रहा है। Anthropic इस दिशा में विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर रही है। AI तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से साइबर खतरे भी बदल रहे हैं। आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों और कंपनियों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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