JoSAA 2026: क्या इंजीनियरिंग छात्रों का रुझान अब कंप्यूटर साइंस से हट रहा है? IIT Admission 2026 के ताज़ा आंकड़े कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे हैं। इस साल जहां IIT Bombay और IIT Delhi में कंप्यूटर साइंस की लोकप्रियता बरकरार है, वहीं सिविल इंजीनियरिंग ने सभी को चौंका दिया है। लंबे समय से कम मांग झेल रही यह शाखा अब टॉप रैंकर्स की पसंद बनती दिख रही है।
IIT बॉम्बे CSE की क्लोजिंग रैंक 65 पर रुकी: सिविल इंजीनियरिंग की ज़बरदस्त मांग, JoSAA 2026 में बड़ा बदलाव।
IIT Admission 2026 में सिविल इंजीनियरिंग की जबरदस्त वापसी
JoSAA की पहली राउंड काउंसलिंग के आंकड़ों के मुताबिक, IIT Bombay में पिछले साल सिविल इंजीनियरिंग की ओपनिंग रैंक 2666 थी। इस साल यह सीधे 385 तक पहुंच गई। यह बदलाव विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहा है। IIT Delhi में स्थिति और भी दिलचस्प रही। यहां पिछले साल सिविल इंजीनियरिंग की ओपनिंग रैंक 3030 थी, जबकि इस बार केवल 179 तक रैंक वाले छात्रों ने इसे अपनी पहली पसंद बनाया। IIT Roorkee और IIT Bhubaneswar में भी यही ट्रेंड देखने को मिला।
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क्यों बढ़ रही है सिविल इंजीनियरिंग की मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इसके पीछे बड़ी वजह हैं। सड़क, रेलवे, स्मार्ट सिटी और हाउसिंग सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। IIT Bombay के पूर्व प्रोफेसर दीपांकर चौधरी के अनुसार, सिविल, स्ट्रक्चरल और पर्यावरण इंजीनियरिंग में कैंपस प्लेसमेंट काफी मजबूत रहे हैं। देश में योग्य सिविल इंजीनियरों की कमी है, जबकि नौकरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है कि जो छात्र AI टूल्स के साथ सिविल इंजीनियरिंग सीखेंगे, उनके लिए भविष्य में अवसर और भी ज्यादा होंगे।
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कंप्यूटर साइंस अब भी पहली पसंद
सिविल इंजीनियरिंग की मांग बढ़ी है, लेकिन कंप्यूटर साइंस अभी भी सबसे लोकप्रिय शाखा बनी हुई है। IIT Bombay में कंप्यूटर साइंस की सीटें ऑल इंडिया रैंक 1 से 65 तक भर गईं। IIT Delhi में यह कोर्स 35 से 123 रैंक तक और IIT Madras में 67 से 149 रैंक तक बंद हुआ। लड़कियों की श्रेणी में भी IIT Bombay सबसे ज्यादा पसंद किया गया, जहां सीटें 395 रैंक तक भर गईं।
सभी IIT में नहीं दिखा एक जैसा ट्रेंड
यह बदलाव हर संस्थान में नहीं दिखा। IIT Jammu, IIT Tirupati, IIT Palakkad और IIT Ropar में सिविल इंजीनियरिंग की सीटें पिछले साल की तुलना में कम रैंक पर उपलब्ध रहीं। वहीं, IIT Kharagpur में इस बार फिजिक्स को लेकर अचानक मांग बढ़ी है। IIT Patna में भी कई कोर्सों की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक के बीच 500 से ज्यादा रैंक का अंतर देखने को मिला।
IIT Admission 2026 के शुरुआती आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि छात्रों की सोच बदल रही है। अब केवल कंप्यूटर साइंस ही नहीं, बल्कि स्थिर करियर और बढ़ते अवसरों वाली शाखाओं को भी प्राथमिकता मिल रही है। आने वाले राउंड्स में यह ट्रेंड और मजबूत होता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
