Google AI Project: टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google अब SpaceX के साथ मिलकर अंतरिक्ष में ऑर्बिटल डेटा सेंटर (Orbital Data Centre) बनाने की संभावना तलाश रही है। बताया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भारी वर्कलोड को संभालने के लिए तैयार किया जा सकता है।
क्या भविष्य में AI डेटा सेंटर अंतरिक्ष में होंगे? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google और Elon Musk की SpaceX इस दिशा में बड़ी योजना पर काम कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, Google और Elon Musk की कंपनी SpaceX के बीच इस विषय पर बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि यह चर्चा Google के Project Suncatcher से जुड़ी हो सकती है, जिसकी घोषणा 2025 के आखिर में की गई थी। इस प्रोजेक्ट के तहत 2027 तक Tensor Processing Units (TPU) वाले सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बताई गई है।
अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाने का क्या फायदा?
अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह माना जा रहा है कि वहां सौर ऊर्जा (Solar Energy) लगातार उपलब्ध हो सकती है। AI मॉडल्स को ट्रेन करने और चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ती है। ऐसे में ऑर्बिटल डेटा सेंटर बिजली की खपत कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह काम इतना आसान भी नहीं है। कूलिंग सिस्टम, मेंटेनेंस और रॉकेट लॉन्च की लागत अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्यों SpaceX को सबसे मजबूत विकल्प माना जा रहा?
विशेषज्ञों का मानना है कि SpaceX इस साझेदारी के लिए सबसे मजबूत दावेदार हो सकती है। कंपनी रॉकेट लॉन्च की लागत कम करने और Reusable Rockets के इस्तेमाल के लिए जानी जाती है। बताया जा रहा है कि SpaceX का Falcon 9 rocket एक ही हार्डवेयर के साथ 34वीं उड़ान पूरी कर चुका है, जिससे लॉन्च खर्च कम करने में मदद मिल रही है।
यही वजह है कि Google जैसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म SpaceX को गंभीरता से देख रहे हैं। इसके अलावा, SpaceX पहले भी बड़े ऑर्बिटल कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट्स की तैयारी कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस साल की शुरुआत में AI कंपनी Anthropic के साथ भी एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया था।
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सबसे बड़ी चुनौती अब भी लागत
यह आइडिया काफी भविष्यवादी और रोमांचक लगता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या लागत ही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, Google का मानना है कि अगर ऑर्बिटल AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत लगभग 200 डॉलर प्रति किलोग्राम तक आ जाए, तभी यह आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। वर्तमान में SpaceX की सामान्य लॉन्च दर लगभग 7,000 डॉलर प्रति किलोग्राम बताई जाती है, जो अभी काफी ज्यादा है।
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भविष्य बदल सकती है यह साझेदारी
SpaceX ने 2025 में अकेले 165 रॉकेट लॉन्च किए थे, जो दुनिया के बाकी देशों के कुल लॉन्च से भी ज्यादा बताए जाते हैं। कंपनी अब तक करीब 15,000 पेलोड्स अंतरिक्ष में भेज चुकी है। ऐसे में अगर Google और SpaceX की यह साझेदारी आगे बढ़ती है, तो यह सिर्फ AI इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया को भी पूरी तरह बदल सकती है। फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में मानी जा रही है, लेकिन इसे भविष्य की बड़ी टेक क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।
