Artificial Intelligence News: क्या सरकार सोशल मीडिया से विरोध और आलोचना वाले वीडियो हटवा रही है? इस सवाल पर अब केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का निशाना कंटेंट क्रिएटर्स या प्रदर्शन से जुड़े वीडियो नहीं हैं। कार्रवाई केवल Deepfake और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले कंटेंट पर की जा रही है। हाल के दिनों में कुछ YouTube चैनलों और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स के वीडियो हटाए जाने के बाद यह बहस तेज हुई थी। अब सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
क्या भारत में Deepfake के लिए नया कानून आएगा? IT मंत्री वैष्णव बोले जल्द बन सकता है नया AI कानून!
Deepfake हटाना सरकार की जिम्मेदारी: अश्विनी वैष्णव
एक इंटरव्यू में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंटरनेट पर मौजूद फर्जी वीडियो और गलत जानकारी को हटाना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, लोगों को असली और कृत्रिम तरीके से तैयार की गई जानकारी के बीच अंतर समझने में मदद मिलनी चाहिए। सरकार इसी दिशा में तकनीकी समाधान विकसित कर रही है ताकि डिजिटल कंटेंट पर लोगों का भरोसा बना रहे। मंत्री ने कहा कि हटाए जाने वाले कंटेंट की संख्या ऑनलाइन मौजूद कुल सामग्री के मुकाबले बेहद कम है और यह कार्रवाई केवल नुकसान पहुंचाने वाले Deepfake कंटेंट पर केंद्रित है।
READ MORE: YouTube अब हर स्क्रीन पर रहेगा, ऐप छोड़ने पर भी चलेगा
फेक न्यूज पर भी सख्त रुख
सरकार का कहना है कि फेक न्यूज चाहे किसी अखबार, वेबसाइट या व्यक्ति द्वारा साझा की जाए, उसे हटाया जाना चाहिए। वैष्णव ने कहा कि गलत जानकारी का स्रोत महत्वपूर्ण नहीं है। अगर जानकारी झूठी है और लोगों को गुमराह कर सकती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों में बदलाव पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत ऑनलाइन साझा की जाने वाली समाचार और समसामयिक सामग्री पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
AI के लिए अलग कानून की जरूरत पड़ सकती है
केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिए कि भारत को भविष्य में AI तकनीक के लिए अलग कानून की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा IT Act 2000 उस दौर में बनाया गया था जब जनरेटिव AI जैसी तकनीकें मौजूद नहीं थीं। आज डिजिटल दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। सरकार फिलहाल उद्योग जगत और अन्य पक्षों से बातचीत कर रही है ताकि ऐसा नियामक ढांचा तैयार किया जा सके जो नवाचार को भी बढ़ावा दे और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।
READ MORE: रिसर्च का दावा: iPhone के कारण दुनिया में कम पैदा हो रहे बच्चे?
AI कंटेंट पर पहले ही सख्त हुए नियम
हाल ही में केंद्र सरकार ने AI से तैयार कंटेंट को लेकर नियम और कड़े किए हैं। नए प्रावधानों के तहत किसी सक्षम प्राधिकरण या अदालत द्वारा चिन्हित किए जाने के बाद AI-जनित या सिंथेटिक कंटेंट को 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। इसके अलावा प्लेटफॉर्म्स को AI से बने कंटेंट की स्पष्ट पहचान भी दिखानी होगी ताकि यूजर्स आसानी से समझ सकें कि कौन सा कंटेंट वास्तविक है और कौन सा तकनीक की मदद से तैयार किया गया है।
