क्रिप्टो इंडस्ट्री को झटका, CLARITY Act पर फिर विवाद गहराया

क्रिप्टो इंडस्ट्री को झटका, CLARITY Act पर फिर विवाद गहराया

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June 10, 2026

US Crypto Regulation: क्या अमेरिका का बहुप्रतीक्षित CLARITY Act अब फिर मुश्किल में फंस गया है? ताज़ा जानकारी के मुताबिक अमेरिकी सीनेट में चल रही बातचीत के दौरान इस क्रिप्टो बिल को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मामला डिजिटल एसेट्स नहीं, बल्कि नेताओं और अधिकारियों के लिए प्रस्तावित नैतिकता (Ethics) नियमों का है। इसी मुद्दे ने कानून के भविष्य पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिका के बहुचर्चित CLARITY Act पर फिर विवाद शुरू हो गया है। जानिए एथिक्स नियमों को लेकर सीनेट में क्या मतभेद हैं और इसका क्रिप्टो उद्योग पर क्या असर पड़ सकता है।

CLARITY Act पर क्यों बढ़ा नया तनाव?

सीनेट में हाल ही में हुई द्विदलीय बैठक के दौरान डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों के बीच सहमति नहीं बन पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने हुई शुरुआती सहमति के कुछ बिंदुओं से रिपब्लिकन नेताओं और White House ने दूरी बना ली। विवाद मुख्य रूप से उन नियमों को लेकर है जो सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के क्रिप्टो कारोबार से जुड़े हितों के टकराव को रोकने के लिए प्रस्तावित किए गए थे। कई डेमोक्रेट सांसद पहले ही साफ कर चुके हैं कि मजबूत नैतिकता नियमों के बिना वे बिल का समर्थन नहीं करेंगे।

मई से जारी है Ethics नियमों पर टकराव

यह विवाद नया नहीं है। मई में भी CLARITY Act की समीक्षा के दौरान यही मुद्दा सामने आया था। उस समय जारी 309 पेज के मसौदे में स्टेबलकॉइन, NFT और डिजिटल एसेट बाजार से जुड़े नियम शामिल थे, लेकिन क्रिप्टो एथिक्स से जुड़े स्पष्ट प्रावधान नहीं थे। यहीं से विवाद शुरू हुआ। डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी डिजिटल एसेट कारोबार में शामिल रहते हैं तो इससे हितों का टकराव पैदा हो सकता है। इसलिए सख्त निगरानी जरूरी है।

राज्य सरकारों को अधिकार देने पर अटका मामला

ताज़ा विवाद एक नए प्रस्ताव को लेकर है। चर्चा थी कि अगर अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) किसी नैतिकता नियम को लागू नहीं करता, तो राज्य के अटॉर्नी जनरल अदालत में चुनौती दे सकेंगे, लेकिन कई रिपब्लिकन सांसदों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि राज्य सरकारों को संघीय अधिकारियों या सांसदों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार देना असामान्य और विवादास्पद कदम होगा। इसी मुद्दे ने फिर से बातचीत को मुश्किल बना दिया है।

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क्रिप्टो इंडस्ट्री चाहती है जल्द पास हो कानून

विवाद के बावजूद क्रिप्टो उद्योग इस बिल के समर्थन में मजबूती से खड़ा है। हाल ही में 200 से ज्यादा कंपनियों और संगठनों ने सीनेट से CLARITY Act को जल्द वोटिंग के लिए लाने की मांग की। समर्थन करने वालों में Coinbase, Ripple और Hedera जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

उद्योग का कहना है कि यह कानून डिजिटल एसेट बाजार के लिए स्पष्ट नियम बनाएगा, उपभोक्ता सुरक्षा बढ़ाएगा और अमेरिका की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करेगा। हालांकि, पारंपरिक बैंकिंग क्षेत्र अभी भी कुछ प्रावधानों को लेकर चिंता जता रहा है।

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CLARITY Act को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण क्रिप्टो कानूनों में गिना जा रहा है, लेकिन फिलहाल इसका भविष्य तकनीकी नियमों से ज्यादा नैतिकता और निगरानी से जुड़े विवादों पर निर्भर दिख रहा है। आने वाले हफ्तों में यह तय होगा कि सीनेट समझौते तक पहुंच पाती है या फिर यह बिल एक बार फिर लंबी देरी का शिकार बनता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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