Japan Stablecoin: क्या जापान अब डिजिटल भुगतान के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है? ताज़ा जानकारी के मुताबिक, जापान के तीन सबसे बड़े बैंकिंग समूह इस वित्त वर्ष में मिलकर Stablecoin जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। इसका मकसद भुगतान प्रणाली को तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब दुनिया भर में डिजिटल करेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।
जापान में Stablecoin को लेकर गतिविधियां तेज, तीन बड़े बैंक इस वित्त वर्ष में नई डिजिटल भुगतान सेवा शुरू करने की कर रहे तैयारी।
कौन-कौन से बैंक होंगे शामिल?
इस पहल में जापान के तीन बड़े वित्तीय समूह शामिल हैं:
- Mitsubishi UFJ Financial Group
- Sumitomo Mitsui Financial Group
- Mizuho Financial Group
तीनों बैंक मिलकर एक विशेष परिषद बनाएंगे, जो Stablecoin के संचालन और नियमों पर काम करेगी।
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Stablecoin पर क्यों बढ़ रहा है जोर?
Stablecoin एक ऐसी डिजिटल करेंसी होती है जिसकी कीमत किसी पारंपरिक मुद्रा से जुड़ी रहती है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होता है। जापान की वित्तीय सेवा एजेंसी (FSA) भी इस परियोजना का समर्थन कर रही है। सरकार का मानना है कि ब्लॉकचेन तकनीक भविष्य की भुगतान व्यवस्था को और बेहतर बना सकती है। पिछले साल जापानी स्टार्टअप JPYC ने भी येन आधारित Stablecoin जारी किया था।
एशिया में बढ़ सकता है इस्तेमाल
हाल ही में जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के एक पैनल ने एशिया में येन आधारित Stablecoin के उपयोग को बढ़ावा देने की सिफारिश की है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों को चिंता है कि Stablecoin के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली पर असर पड़ सकता है।
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जापान के तीन बड़े बैंकों का यह फैसला डिजिटल भुगतान क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर योजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में Stablecoin एशिया की वित्तीय व्यवस्था का अहम हिस्सा बन सकता है।
