AI से बढ़ा आतंक का खतरा, महाशक्ति अमेरिका भी क्यों है चिंतित?

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December 16, 2025

AI Cyber Terrorism:  भलेही  Artificial Intelligence को जीवन को आसान बनाने वाली तकनीक के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन इसका एक खतरनाक पहलू भी तेजी से सामने आ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका समेत कई देश इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उग्रवादी और आतंकी संगठन AI को अपने मकसद के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं। जो यह संकेत करता है कि खतरा सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है। यह दिमाग, विचारधारा और सूचना युद्ध तक फैल चुका है।

अब बंदूक नहीं, AI बना आतंकियों का हथियार, अमेरिका तक में मचा हड़कंप…जानिए कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल बन रहा वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा।

आतंकवाद का नया चेहरा: डिजिटल और अदृश्य

अब तक आतंकवाद में हथियार, ट्रेनिंग कैंप और सीमाओं की जरूरत होती थी। लेकिन AI ने आतंक के स्वरूप को बदल दिया है। अब एक छोटा समूह या अकेला व्यक्ति भी इंटरनेट और AI टूल्स के जरिए कट्टरपंथी विचार फैला सकता है। युवाओं को ऑनलाइन ब्रेनवॉश कर सकता है। फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाकर अफवाह फैला सकता है। इससे आतंकवाद ज्यादा तेज, सस्ता और पकड़ से बाहर होता जा रहा है।

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AI की मदद से भर्ती की तैयारी

Site Intelligence Group के रिसर्चर्स के मुताबिक, आईएस अब AI की मदद से नकली भावनात्मक वीडियो और ऑडियो तैयार कर रहे हैं। अलग-अलग भाषाओं में प्रचार सामग्री बना रहे हैं। लोगों की मानसिक कमजोरी को टारगेट कर रहे हैं। यह तरीका खासकर युवाओं को जल्दी प्रभावित करता है, न क्योंकि कंटेंट ज्यादा रियल और भरोसेमंद लगता है। हैकर्स इस पहले से ही इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, अब आतंकी संगठन भी एआई के जरिए कोड आसानी से लिखकर

आतंकी संगठन ने कहा AI का करें इस्तेमाल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने 25 नवंबर को इस्लामिक स्टेट के समर्थित वेबसाइट पर एक व्यक्ति ने लिखा की एआई को आने काम में इस्तेमाल करें। उपयोग करने का तरीका भी काफी सरल है। अगर खुफिया एजेंसी को इस बात का डर है कि एआई से टेररिस्ट की भर्ती आसानी से की जा सकती है तो क्यों न और उनके इस डर सच में बदल दें। CEO John Laliberte ने कहा कि एआई से किसी भी दुश्मन के लिए काम आसान हो जाता है। आंतकवादी संगठन चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर असली जैसे फोटो और वीडियो बना रहे हैं। बात दें कि डीपफेक वीडियो और ऑडियो सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं।

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साइबर हमले और हथियारों का खतरा

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि AI से Cyber Attack को आसानी अंजाम दे सकता है। उनके द्वारा सरकारी सिस्टम को निशाना बनाया जा सकता है। भविष्य में हथियारों के डिजाइन तक में AI का गलत इस्तेमाल हो सकता है। यही वजह है कि अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग समेत कई एजेंसियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

अमेरिकी सांसद ने लाए कई प्रस्ताव, जाहिर की चिंता

इसकी गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सांसद ने प्रस्ताव लाया है। सीनेटर Mark Warner ने तो खुलकर इसपर चिंता जाहिर करते हुए एआई बनाने वाली कंपनियों गलत मिजाज के लोगों की जानकारी को साझा करना सरल बनाना चाहिए। सुनने में यह आ रहा है कि अलकायदा ने अपने गुर्गों को एआई सीखने के लिए कहा है जो बेहद खतरनाक है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम और निगरानी जरूरी है। आम लोगों को भी फेक कंटेंट पहचानने के लिए जागरूक करना होगा।

क्या भविव्य में टेरिस्ट भी तकनीक से लडेंगे?

AI एक शक्तिशाली तकनीक है, लेकिन गलत हाथों में यह उतनी ही खतरनाक बन सकती है। आतंकियों द्वारा AI का इस्तेमाल इस बात की चेतावनी है कि आने वाला दौर सिर्फ हथियारों का नहीं सूचना और तकनीक के युद्ध का होगा। अगर अभी सतर्कता नहीं बरती गई, तो यह खतरा सीमाओं से कहीं आगे तक फैल सकता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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