Vi handset insurance plan

अब रिचार्ज के साथ मिलेगा फोन इंश्योरेंस…दाम देख हो जाएंगे हैरान!

9 mins read
563 views
December 16, 2025

Vi handset insurance plan: भारत में स्मार्टफोन अब सिर्फ कम्युनिकेशन का जरिया नहीं, बल्कि पढ़ाई, काम, बैंकिंग और एंटरटेनमेंट तक हर जरूरत से जुड़ चुका है। ऐसे में फोन चोरी या गुम हो जाना किसी छोटे नुकसान से कहीं ज्यादा बड़ा झटका माना जाता है। खासकर प्रीपेड यूजर्स के लिए, जिनके पास अब तक फोन इंश्योरेंस जैसे विकल्प आसानी से उपलब्ध नहीं थे। इसी को देखते हुए Vodafone Idea  ने प्रीपेड सेगमेंट में एक नया प्लान लाया है। दरअसल, Vodafone Idea  ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए रिचार्ज पैक्स के साथ हैंडसेट थेफ्ट और लॉस इंश्योरेंस लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह इंडस्ट्री का पहला ऐसा ऑफर है, जिसमें प्रीपेड यूजर्स को iOS और Android दोनों स्मार्टफोन्स के लिए चोरी और गुम होने का कवर दिया जा रहा है। आमतौर पर स्मार्टफोन इंश्योरेंस केवल स्क्रीन या हार्डवेयर डैमेज तक सीमित रहता है।

अब रिचार्ज के साथ मिलेगा फोन इंश्योरेंस। Vi के नए प्लान्स से मिलेगा हजारों रूपए तक का हैंडसेट कवर, जानें कैसे मिलेगा फायदा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रयास

Ministry of Statistics and Programme Implementation की मई 2025 की रिपोर्ट बताती है कि भारत के करीब 85.5 प्रतिशत घरों में कम से कम एक स्मार्टफोन मौजूद है। वहीं मिड-रेंज फोन की कीमतें 20 से 25 हजार रुपये तक पहुंच चुकी हैं। ऐसे में अगर फोन चोरी हो जाए या कहीं खो जाए, तो उसे दोबारा खरीदना कई लोगों के लिए भारी खर्च साबित होता है। Vi का यह ऑफर इसी बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर लाया गया है।

READ MORE- अमेरिका चीन के बाद AI ताकत बना भारत… देखिए रैंकिंग की रिपोर्ट

कैसे काम करता है Vi का इंश्योरेंस ऑफर

Vi ने इस हैंडसेट इंश्योरेंस को तीन प्रीपेड रिचार्ज पैक्स में शामिल किया है। 61 रूपए का पैक, 30 दिनों की इंश्योरेंस वैलिडिटी। 201 रूपए का पैक, 180 दिनों की कवरेज। 251 रूपए का पैक, 365 दिनों तक का इंश्योरेंस। इन सभी पैक्स में चोरी या गुम होने की स्थिति में अधिकतम 25,000 रूपए तक का कवर मिलता है। खास बात यह है कि इंश्योरेंस के साथ-साथ यूजर्स को डेटा बेनिफिट्स भी दिए जाते हैं। यानी रिचार्ज सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करता है।

READ MORE- Amazon Kindle में आया ‘Ask This Book’ AI फीचर

वर्तमान में चली आ रही इंश्योरेंस से कैसे अलग

आमतौर पर फोन इंश्योरेंस लेने के लिए अलग से पॉलिसी खरीदनी पड़ती है, जिसमें प्रीमियम ज्यादा होता है और क्लेम की प्रकिया भी काफी जटिल होती है। Vi ने इन्हीं जटिलता को देखकर छोटे रिचार्ज अमाउंट में इंश्योरेंस को जोड़कर इसे ज्यादा वहन करने योग्य बनाया है। कंपनी का दावा है कि क्लेम प्रोसेस पूरी तरह डिजिटल होगा और मौजूदा कस्टमर डेटा के इस्तेमाल से कागजी और प्रकिया में लगनेवाले टाइम कम किया जाएगा।

Vi की बड़ी प्लानिंग का हिस्सा

यह ऑफर Vi के वैल्यू-एडेड सर्विसेज पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इससे पहले कंपनी Hero Unlimited, Super Hero और NonStop Hero जैसे प्लान्स में नाइट अनलिमिटेड डेटा, वीकेंड डेटा रोलओवर और पूरे दिन अनलिमिटेड डेटा जैसे फीचर्स दे चुकी है। अब फोन इंश्योरेंस को रिजार्ज के साथ जोड़कर यूजर्स की सुरक्षा और सुविधा दोनों जरूरतों को एक साथ कवर करने की कोशिश की है। बता दें कि पोस्टपेड यूजर्स के लिए Vi Max प्लान्स में फैमिली डेटा शेयरिंग और कस्टमाइज्ड बेनिफिट्स मिलते हैं।

अन्य टेलीकॉम कंपनी पर रहेगा नजर

कम शब्दों में कहें तो Vi ने प्रीपेड रिचार्ज कॉल तक सीमित नहीं है सुरक्षा कवच के तौर भी जोड़ दिया है। आने वाले समय में दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर्स भी इस तरह के इंश्योरेंस-बेस्ड रिचार्ज मॉडल को अपनाते हैं या नहीं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

instagram
Previous Story

अब Reels चलाने के लिए हाथ की नहीं पड़ेगी जरूरत, Instagram खुद चलाएगा रील्स!

Youtube
Next Story

YouTube CEO ने बच्चों के लिए लगाया स्क्रीन टाइम लिमिट

Latest from Latest news

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO exploit ने BNB Chain की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल, जानें कैसे बिना जीरो डे या प्राइवेट की चोरी के करोड़ों डॉलर की सेंध लगी। Blockchain Security: क्या करोड़ों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के लिए किसी बेहद खतरनाक हैकर या नई तकनीक की जरूरत होती है? Crypto DAO Exploit ने इसका जवाब चौंकाने वाले तरीके से दिया। 28 जुलाई 2026 को BNB Chain पर Crypto DAO से जुड़े Pro Token में हमला हुआ और करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT एक हमलावर वॉलेट में पहुंच गया।  साइबर सिक्योरिटी फर्म Blockaid ने इस सक्रिय हमले की जानकारी दी। हमलावर ने किसी नए जीरो डे या चोरी की गई प्राइवेट की का सहारा नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी वॉल्ट फंक्शन खुली थी, जिसे कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता था। यही Access-Control की कमी हमले की सबसे बड़ी वजह बनी।  Crypto DAO Exploit में कैसे हुआ हमला?  हमले के बाद करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT exploiter wallet 0x427671b2C8e91034A91FE698F9B7259b2345F45D में ट्रांसफर हुआ। इसके अलावा तीन जुड़े रिसीविंग एड्रेस में भी रकम पहुंची। इन तीन पतों पर करीब 2.68 मिलियन डॉलर, 2.69 मिलियन डॉलर और 2.78 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई। DeFiLlama ने भी इस घटना को उसी दिन Protocol Logic (Solidity)
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों का बिल आगे बढ़ा, जानें भारत क्यों निशाने पर है और 100% संभावित टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है।  India-US Tariff: अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक बड़ा बिल सीनेट में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को हुए प्रक्रियात्मक मतदान में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 12 सांसदों ने विरोध किया। इसमें रूस की ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत और चीन इस प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे बड़ी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह बिल कानून नहीं बना है।  US Russia Sanctions Bill में भारत क्यों आया निशाने पर?  इस प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है। बिल अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देगा, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। ताजा समझौते के मुताबिक, संभावित टैरिफ का दायरा रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले प्रमुख देशों तक सीमित किया गया है। भारत और चीन इस सूची में महत्वपूर्ण देश माने जा रहे हैं।  भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि रूसी कच्चा तेल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर अमेरिकी कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नया दबाव बन सकता है।  READ MORE: हैदराबाद के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026   भारत पहले से झेल रहा 50% टैरिफ का दबाव  भारत पहले ही अमेरिकी टैरिफ को लेकर दबाव में है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, अगस्त 2025 में अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद कुल अमेरिकी टैरिफ बोझ 50% तक पहुंच गया था। अब नया प्रतिबंध विधेयक सामने आने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून में राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।  रूस से तेल खरीद पर क्या होगा असर?  भारत के लिए रूसी तेल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक अहम विकल्प रहा है। अगर अमेरिका इस बिल को कानून का रूप देता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान की लागत बढ़ सकती है और कई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थकों का तर्क है कि इससे रूस की ऊर्जा आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद पर दबाव पड़ेगा।  READ MORE: सेंसेक्स

Don't Miss