Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO exploit ने BNB Chain की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल, जानें कैसे बिना जीरो डे या प्राइवेट की चोरी के करोड़ों डॉलर की सेंध लगी। Blockchain Security: क्या करोड़ों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के लिए किसी बेहद खतरनाक हैकर या नई तकनीक की जरूरत होती है? Crypto DAO Exploit ने इसका जवाब चौंकाने वाले तरीके से दिया। 28 जुलाई 2026 को BNB Chain पर Crypto DAO से जुड़े Pro Token में हमला हुआ और करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT एक हमलावर वॉलेट में पहुंच गया।  साइबर सिक्योरिटी फर्म Blockaid ने इस सक्रिय हमले की जानकारी दी। हमलावर ने किसी नए जीरो डे या चोरी की गई प्राइवेट की का सहारा नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी वॉल्ट फंक्शन खुली थी, जिसे कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता था। यही Access-Control की कमी हमले की सबसे बड़ी वजह बनी।  Crypto DAO Exploit में कैसे हुआ हमला?  हमले के बाद करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT exploiter wallet 0x427671b2C8e91034A91FE698F9B7259b2345F45D में ट्रांसफर हुआ। इसके अलावा तीन जुड़े रिसीविंग एड्रेस में भी रकम पहुंची। इन तीन पतों पर करीब 2.68 मिलियन डॉलर, 2.69 मिलियन डॉलर और 2.78 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई। DeFiLlama ने भी इस घटना को उसी दिन Protocol Logic (Solidity) loss श्रेणी में दर्ज किया। इस मामले में Flash Loan ने खुद Vulnerability पैदा नहीं की। उसने सिर्फ हमलावर को बिना अपनी बड़ी पूंजी लगाए हमले को तेजी से बढ़ाने में मदद की। यानी समस्या किसी जटिल तकनीकी हमले में नहीं, बल्कि Contract के कमजोर एक्सेस कंट्रोल में थी।  https://x.com/blockaid_/status/2082139977299657109?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2082139977299657109%7Ctwgr%5E44a03b207eab02a3e297fe5db5ebb5d71b14b0da%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.cryptotimes.io%2F2026%2F07%2F29%2Fcrypto-dao-drained-for-8-2m-on-bnb-chain-via-access-control-bug%2F    BNB Chain पर पुराने bugs फिर क्यों दिख रहे?  Crypto DAO की घटना अकेली नहीं है। 22 जुलाई को BNB Chain पर 42DAO को करीब 912,000 से 915,000 डॉलर का नुकसान हुआ था। इसमें Oracle और price-feed से जुड़ी समस्या का फायदा उठाकर forced
July 29, 2026

Web Stories

क्या मेटा की गलती से PM मोदी का वीडियो हटा?
क्या मेटा की गलती से PM मोदी का वीडियो हटा?
By Ragini Sinha
Amazon Great Freedom Sale: सस्ते मिलेंगे ये गैजेट्स
Amazon Great Freedom Sale: सस्ते मिलेंगे ये गैजेट्स
By Ragini Sinha
OnePlus N6x भारत में कब होगा लॉन्च?
OnePlus N6x भारत में कब होगा लॉन्च?
By Ragini Sinha
Open-Source AI पर दिग्गजों का जोर
Open-Source AI पर दिग्गजों का जोर
By Ragini Sinha
Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO में 8.2M डॉलर की सेंध, BNB Chain का सुरक्षा बग बेनकाब

Crypto DAO exploit ने BNB Chain की सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल, जानें कैसे बिना जीरो डे या प्राइवेट की चोरी के करोड़ों डॉलर की सेंध लगी। Blockchain Security: क्या करोड़ों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के लिए किसी बेहद खतरनाक हैकर या नई तकनीक की जरूरत होती है? Crypto DAO Exploit ने इसका जवाब चौंकाने वाले तरीके से दिया। 28 जुलाई 2026 को BNB Chain पर Crypto DAO से जुड़े Pro Token में हमला हुआ और करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT एक हमलावर वॉलेट में पहुंच गया।  साइबर सिक्योरिटी फर्म Blockaid ने इस सक्रिय हमले की जानकारी दी। हमलावर ने किसी नए जीरो डे या चोरी की गई प्राइवेट की का सहारा नहीं लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी वॉल्ट फंक्शन खुली थी, जिसे कोई भी व्यक्ति कॉल कर सकता था। यही Access-Control की कमी हमले की सबसे बड़ी वजह बनी।  Crypto DAO Exploit में कैसे हुआ हमला?  हमले के बाद करीब 8.2 मिलियन डॉलर का USDT exploiter wallet 0x427671b2C8e91034A91FE698F9B7259b2345F45D में ट्रांसफर हुआ। इसके अलावा तीन जुड़े रिसीविंग एड्रेस में भी रकम पहुंची। इन तीन पतों पर करीब 2.68 मिलियन डॉलर, 2.69 मिलियन डॉलर और 2.78 मिलियन डॉलर की रकम रखी गई। DeFiLlama ने भी इस घटना को उसी दिन Protocol Logic (Solidity)
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

July 29, 2026
क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

July 29, 2026
अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों का बिल आगे बढ़ा, जानें भारत क्यों निशाने पर है और 100% संभावित टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है।  India-US Tariff: अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक बड़ा बिल सीनेट में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को हुए प्रक्रियात्मक मतदान में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 12 सांसदों ने विरोध किया। इसमें रूस की ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत और चीन इस प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे बड़ी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह बिल कानून नहीं बना है।  US Russia Sanctions Bill में भारत क्यों आया निशाने पर?  इस प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है। बिल अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देगा, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। ताजा समझौते के मुताबिक, संभावित टैरिफ का दायरा रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले प्रमुख देशों तक सीमित किया गया है। भारत और चीन इस सूची में महत्वपूर्ण देश माने जा रहे हैं।  भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि रूसी कच्चा तेल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर अमेरिकी कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नया दबाव बन सकता है।  READ MORE: हैदराबाद के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026   भारत पहले से झेल रहा 50% टैरिफ का दबाव  भारत पहले ही अमेरिकी टैरिफ को लेकर दबाव में है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, अगस्त 2025 में अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद कुल अमेरिकी टैरिफ बोझ 50% तक पहुंच गया था। अब नया प्रतिबंध विधेयक सामने आने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून में राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।  रूस से तेल खरीद पर क्या होगा असर?  भारत के लिए रूसी तेल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक अहम विकल्प रहा है। अगर अमेरिका इस बिल को कानून का रूप देता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान की लागत बढ़ सकती है और कई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थकों का तर्क है कि इससे रूस की ऊर्जा आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद पर दबाव पड़ेगा।  READ MORE: सेंसेक्स
क्या मेटा की गलती से PM मोदी का वीडियो हटा? Amazon Great Freedom Sale: सस्ते मिलेंगे ये गैजेट्स OnePlus N6x भारत में कब होगा लॉन्च? Open-Source AI पर दिग्गजों का जोर