AI की गलती का बिल अब कौन भरेगा?

AI की गलती का बिल अब कौन भरेगा?

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March 17, 2026

AI Business Insurance: आजकल कंपनियां अपने कई काम AI के जरिए कर रही हैं। AI अपने आप फैसले ले सकता है और काम कर सकता है, लेकिन इससे गलतियां भी हो सकती हैं। इसी वजह से इंस्योरेंस कंपनियां अब अपनी पॉलिसी बदल रही हैं। कुछ कंपनियां ऐसी पॉलिसी बना रही हैं, जो AI की गलती से होने वाले नुकसान को कवर करें। वहीं, कुछ कंपनियां AI की गलती को बिल्कुल कवर नहीं करतीं।

कंपनियों में AI बढ़ रहा है और इंस्योरेंस कंपनियां भी अपनी पॉलिसी बदल रही हैं। अब कुछ पॉलिसी AI की गलती को कवर करती हैं, जबकि कुछ इसे पूरी तरह बाहर रखती हैं।

AI से होने वाले नुकसान और चुनौतियां

विशेषज्ञ बताते हैं कि AI का मकसद अक्सर इंसानों की निगरानी और मदद को कम करना होता है, लेकिन इससे पुराने इंस्योरेंस प्रोडक्ट्स के नियम कायदे पर दबाव बढ़ जाता है। AI अभी भी गलती कर सकता है। एक आम गलती है ‘हैलुसिनेशन’। जब AI गलत जानकारी को पूरी तरह सही लगाकर दिखाता है।

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पुराने तरीके और नई पॉलिसी

पहले AI से हुई गलती को अक्सर मौजूदा पॉलिसी में छुपे हुए साइलेंट कवरेज के तहत शामिल किया जाता था, लेकिन अब यह तरीका हमेशा काम नहीं करेगा। इंस्योरेंस कंपनियां अब धीरे-धीरे AI को सीधे पॉलिसी में शामिल कर रही हैं। कुछ कंपनियां AI की गलती को पूरी तरह बाहर रख रही हैं। वहीं, कुछ पॉलिसी में AI के गलत काम या हैलुसिनेशन जैसी समस्याओं को कवर किया जा रहा है।

AI कवरेज के उदाहरण

Armilla जैसी कंपनियां AI मॉडल को टेस्ट करती हैं और कुछ क्षेत्रों में कवरेज ही नहीं देती, जैसे मेडिकल डायग्नॉस्टिक्स या मानसिक स्वास्थ्य ऐप। Munich Re भी AI कवरेज देती है, लेकिन कहती है कि AI में हमेशा स्टैटिस्टिकल अनसर्टेन्टी होती है इसलिए गलती पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती।

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भविष्य और बाजार

विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक AI इंस्योरेंस मार्केट 2032 तक 4.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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