𝐁𝐞𝐬𝐭 𝐏𝐫𝐞𝐦𝐢𝐮𝐦 𝐂𝐨𝐦𝐩𝐚𝐜𝐭 𝐒𝐔𝐕𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐅𝐚𝐦𝐢𝐥𝐢𝐞𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐏𝐫𝐨𝐟𝐞𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥𝐬 𝐢𝐧 𝟐𝟎𝟐𝟔

भारत में Apple की बंपर कमाई, बिक्री ने चौंकाया

Apple ने जून तिमाही में भारत में रिकॉर्ड कमाई दर्ज की। iPhone, Mac और सर्विसेज की मजबूत मांग से कंपनी ने नया बिक्री रिकॉर्ड बनाया।  iPhone Sales India: कंपनी ने जून 2026 तिमाही में भारत में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई दर्ज की। iPhone, Mac कंप्यूटर और सर्विसेज कारोबार की मजबूत मांग ने इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई। Apple ने कहा कि भारत उन प्रमुख बाजारों में शामिल रहा, जहां इस तिमाही में नया राजस्व रिकॉर्ड बना।  Apple India में रिकॉर्ड बिक्री का बड़ा कारण Apple के मुताबिक, 27 जून को समाप्त तिमाही में कंपनी का वैश्विक राजस्व 16% बढ़कर 109.4 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं प्रति शेयर आय 29% बढ़कर 2.02 डॉलर रही। कंपनी को टैरिफ रिफंड का भी फायदा मिला, जिससे कुल मार्जिन और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई। भारत में खासतौर पर iPhone, Mac और सर्विसेज की मजबूत मांग ने बिक्री को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।  READ MORE: Apple के नए CEO का प्लान, TV और फिल्मों में बढ़ेगी ताकत  Mac कारोबार में भी शानदार बढ़त इस तिमाही में Apple का Mac कारोबार 29% बढ़कर 10.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कंपनी के वित्त प्रमुख केवन पारेख ने बताया कि MacBook Neo और MacBook Pro की मजबूत मांग ने इस बढ़त को सहारा दिया। भारत, लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे उभरते बाजारों में Mac की बिक्री दो अंकों की दर से बढ़ी। नए ग्राहकों और अपग्रेड करने वाले यूजर्स की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर रही।  READ MORE: Apple Lease EMI
July 31, 2026

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WhatsApp के 5 नए फीचर्स
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𝐆𝐨𝐥𝐝 𝐏𝐫𝐢𝐜𝐞 𝟑𝟏 𝐉𝐮𝐥𝐲: किस शहर में कितना है रेट?

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Gold Rates Today: आज किस शहर में सोना सबसे महंगा और कहां सबसे सस्ता है? 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के लेटेस्ट रेट जानें। Gold Price India: अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो Gold Rates Today की ताज़ा सूची जरूर देख लें। आज जारी रेट के मुताबिक चेन्नई में सोने की कीमत सबसे ज्यादा दर्ज की गई है। वहीं दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम समान बने हुए हैं। खरीदारी से पहले अपने शहर का लेटेस्ट भाव जानना फायदेमंद रहेगा।  Gold Rates Today: किस शहर में कितना है सोने का भाव?  आज के आंकड़ों के अनुसार 18 कैरेट सोने का सबसे ज्यादा भाव चेन्नई में 1,07,873.20 है। इसके बाद कोलकाता में 1,07,766.29 और मुंबई में 1,07,017.91 दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में इसकी कीमत 1,06,911.00 है। 22 कैरेट सोने की बात करें तो चेन्नई में 1,31,749.13 का भाव सबसे ऊपर है। कोलकाता में 1,31,618.56, मुंबई में 1,30,704.54 और दिल्ली, बेंगलुरु व पुणे में 1,30,573.97 का रेट दर्ज किया गया।  READ MORE: अब इंसान नहीं, 26 लाख में बनेगा
CFTC लाइसेंस लेकर Binance.US करेगा नई शुरुआत

CFTC लाइसेंस लेकर Binance.US करेगा नई शुरुआत

क्रिप्टो बाजार में Binance.US की बड़ी तैयारी, कंपनी Prediction Markets लॉन्च करने के लिए CFTC लाइसेंस लेना चाहती है।  Binance.US: क्या Binance.US एक बार फिर अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में बड़ी वापसी की तैयारी कर रहा है? आज कंपनी ने बड़ा संकेत दिया है। Binance.US ने घोषणा की है कि वह अगस्त 2026 में अमेरिकी नियामक CFTC से Designated Contract Market (DCM) लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा। अगर मंज़ूरी मिल जाती है, तो कंपनी अपने प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे प्रेडिक्शन मार्केट और दूसरे डेरिवेटिव्स प्रोडक्ट लॉन्च कर पाएगी।  Binance.US Prediction Markets के लिए क्यों जरूरी है DCM लाइसेंस कंपनी के CEO स्टीव ग्रेगरी (Stevie Satoshi) ने लास वेगास में आयोजित Rare Evo कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना की जानकारी दी। DCM लाइसेंस मिलने के बाद Binance.US फ्यूचर्स, ऑप्शंस और इवेंट आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स जैसी सेवाएं सीधे अमेरिकी ग्राहकों को दे सकेगा। हालांकि, अभी कंपनी का आवेदन CFTC की लंबित सूची में शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि लाइसेंस मिलना तय नहीं है और लॉन्च की कोई तारीख भी घोषित नहीं की गई है।  https://x.com/EleanorTerrett/status/2082552199440454021?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2082552199440454021%7Ctwgr%5E807897b7157214086d004bafb6b33a6059b0bddb%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.cryptotimes.io%2F2026%2F07%2F30%2Fbinance-us-to-seek-cftc-license-for-prediction-markets-in-comeback-bid%2F     2022 की ऊंचाई से गिरावट, अब वापसी की तैयारी  Binance.US ने 2022 में अमेरिकी क्रिप्टो बाजार में करीब 20% हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। लेकिन 2023 में Binance के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और प्रतिबंधों से जुड़े मामलों के बाद कंपनी को बड़ा झटका लगा। 4.3 अरब डॉलर के समझौते और संस्थापक चांगपेंग झाओ के दोष स्वीकार करने के बाद कंपनी की स्थिति कमजोर हो गई। इसके बाद बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतें आईं और SEC के साथ कानूनी विवाद भी शुरू हुआ। अब अधिकांश नियामकीय मामलों के निपटने के बाद Binance.US अपने कारोबार को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।  READ MORE: Crypto DAO में 8.2M
Stock Market Today: बढ़त के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी

Stock Market Today: बढ़त के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी

July 31, 2026
Stock Market Today: आज सेंसेक्स और निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुले, रुपये की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख शेयरों की अपडेट जानें। Stock Market Today: शुक्रवार सुबह BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों हल्की बढ़त के साथ खुले। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, रुपये की मजबूती और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को शुरुआती सहारा दिया। हालांकि, IT शेयरों में मुनाफावसूली के कारण बढ़त सीमित रही।  Stock Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत कैसी रही?  सुबह 9:25 बजे BSE सेंसेक्स 30 50.07 अंक या 0.064% की बढ़त के साथ 77,978.22 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 50 30.30 अंक या 0.12% चढ़कर 24,347.45 पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई की शुरुआत से आईटी शेयरों में आई मजबूत तेजी के बाद आज निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार की रफ्तार थोड़ी धीमी रही।  रुपये की मजबूती और सस्ते कच्चे तेल से मिला सहारा  आज शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 95.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। गुरुवार को भी रुपया 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.2% गिरकर 88 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.8% टूटकर 82.09 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।  इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी और गिरावट  बढ़त वाले शेयर: बजाज फाइनेंस (+3.94%), बजाज फिनसर्व (+3.02%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (+2.02%), मारुति (+0.80%), बीईएल (+0.78%)  गिरावट वाले शेयर: Infosys (-3.91%), TCS (-3.75%), HCL टेक (-3.49%), टेक महिंद्रा (-2.55%), इटरनल (-0.35%)  एशियाई बाजारों में भी ज्यादातर प्रमुख सूचकांक बढ़त में कारोबार करते दिखे, जिससे भारतीय बाजार को शुरुआती समर्थन मिला। शुरुआती संकेत बताते हैं कि बाजार अभी सतर्क रुख में है। दिनभर निवेशकों की नजर आईटी शेयरों, वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की चाल पर बनी रहेगी। 
𝗚𝗼𝗹𝗱 𝗥𝗮𝘁𝗲 𝟯𝟬 𝗝𝘂𝗹𝘆: 𝟭𝟴𝗞, 𝟮𝟮𝗞 और 𝟮𝟰𝗞 के नए दाम

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July 30, 2026
Gold Rate Today: 30 जुलाई को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और पुणे में 18K, 22K और 24K सोने के ताजा भाव जानिए। Gold Rate Today: क्या आप आज सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं? तो पहले Gold Rate Today जरूर देख लें। 30 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग दर्ज किए गए हैं। अभी सबसे अधिक कीमत चेन्नई में देखने को मिल रही है, जबकि दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में रेट लगभग समान हैं।  Gold Rate Today: प्रमुख शहरों में आज के लेटेस्ट सोने के भाव देश के अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। आज जारी ताजा रेट इस प्रकार हैं  बेंगलुरु: 18K – 1,06,545.00 | 22K – 1,30,126.96
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

July 29, 2026
क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

July 29, 2026
अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों का बिल आगे बढ़ा, जानें भारत क्यों निशाने पर है और 100% संभावित टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है।  India-US Tariff: अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक बड़ा बिल सीनेट में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को हुए प्रक्रियात्मक मतदान में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 12 सांसदों ने विरोध किया। इसमें रूस की ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत और चीन इस प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे बड़ी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह बिल कानून नहीं बना है।  US Russia Sanctions Bill में भारत क्यों आया निशाने पर?  इस प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है। बिल अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देगा, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। ताजा समझौते के मुताबिक, संभावित टैरिफ का दायरा रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले प्रमुख देशों तक सीमित किया गया है। भारत और चीन इस सूची में महत्वपूर्ण देश माने जा रहे हैं।  भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि रूसी कच्चा तेल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर अमेरिकी कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नया दबाव बन सकता है।  READ MORE: हैदराबाद के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026   भारत पहले से झेल रहा 50% टैरिफ का दबाव  भारत पहले ही अमेरिकी टैरिफ को लेकर दबाव में है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, अगस्त 2025 में अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद कुल अमेरिकी टैरिफ बोझ 50% तक पहुंच गया था। अब नया प्रतिबंध विधेयक सामने आने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून में राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।  रूस से तेल खरीद पर क्या होगा असर?  भारत के लिए रूसी तेल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक अहम विकल्प रहा है। अगर अमेरिका इस बिल को कानून का रूप देता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान की लागत बढ़ सकती है और कई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थकों का तर्क है कि इससे रूस की ऊर्जा आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद पर दबाव पड़ेगा।  READ MORE: सेंसेक्स
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