Physical Ai Robotics Data Factory: दुनियांभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी तेजी से पांव पसार रहा है। इसका असर भारत पर पड़ा है। सरकार की ओर से तो इस दिशां कदम उठाए जा ही रहे हैं। यहां के युवा स्टार्टअप में इसका इस्तेमाल कर अपना भविष्य तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में उद्यमी Abhinav Kukreja ने नए स्टार्टअप Neocambrian AI की शुरुआत की है। जिसकी इनदिनों काफी चर्चाएं चल रही है। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
रोबोटिक्स और एआई ट्रेनिंग के लिए भारत अब दुनिया का बड़ा डेटा हब बन सकता है। जानिए क्यों तेजी से बढ़ रही है फिजिकल एआई सेक्टर में दिलचस्पी।
भारत में नई डेटा रेस की शुरुआत
यह नया स्टार्टअप फिजिकल एआई और रोबोटिक्स डेटा सेंटर को ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी का कहना है कि वो रोबोटिक्स और एम्बॉडीड एआई सिस्टम के लिए बड़ी संख्या में ह्यूमन एक्शन डेटा सेंटर तैयार करेगी। बता दें कि आजकल दुनियांभर में एआई कंपनियां इंसानी गतिविधियों से जुड़े स्ट्रक्चर्ड डेटा जुटाने में लगे हैं। जिसके बार में कहा जा रहा है कि यह आनेवाले समय में ह्यूमनॉइड रोबोट, ऑटोमेटेड असिस्टेंट और इंटेलिजेंट मशीनों को ट्रेन करने के लिए उपयोग में लाए
रोबोटिक्स इंडस्ट्री की सबसे बड़ी चुनौती
कंपनी का कहना है कि रोबोटिक्स इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्वालिटी डेटा की कमी है। जिस तरह लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स को इंटरनेट पर मौजूद विशाल टेक्स्ट डेटा से ट्रेन किया गया। उसी तरह फिजिकल एआई को रियल वर्ल्ड ह्यूमन एक्शन की जरूरत होगी। यही कारण है कि अब कंपनियां मनुष्य के दैनिक काम, मूवमेंट और इंटरैक्शन को रिकॉर्ड करने पर जोर दे रही हैं।
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भारत का पहला रोबोटिक्स डेटा फैक्ट्री
कंपनी का दावा है कि उसने भारत का पहला रोबोटिक्स डेटा फैक्ट्री तैयार किया है। यहां ईगोसेन्ट्रिक वीडियो सिस्टम, मोशन ट्रैकिंग डिवाइस, स्टीरियो कैमरा रिग और एडवांस कैप्चर हार्डवेयर की मदद से मनुष्य के गतिविधियों का डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इस डेटा का उपयोग विजन लैंग्वेज एक्शन मॉडल्स और वर्ल्ड मॉडल्स को ट्रेन करने में किया जा सकेगा।
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भारतीय रिसर्चर्स को मिलेगा फायदा
इसके अलावे कंपनी ने यह भी कहा है कि जुटाए गए डेटा का एक हिस्सा भारतीय रिसर्चर्स को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे इंडियन एआई इकोसिस्टम को तेजी मिल सकती है और घरेलू रिसर्चर्स को ग्लोबल एआई रेस में नई ताकत। बड़ी आबादी, अलग-अलग भाषाएं, विविध कामकाजी माहौल और विशाल सर्विस वर्कफोर्स भारत को इस सेक्टर के लिए बहुत महत्व रखती है। वहीं, प्राइवेसी भी एक बड़ी मुद्दा बनी हुई है। जानकार वर्कर कंसेंट और एथिकल डेटा कलेक्शन को लेकर चिंता जता रहे हैं।
इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में फिजिकल एआई और रोबोटिक्स ट्रेनिंग डेटा टेक इंडस्ट्री का बड़ा बाजार बन सकता हैं। जिसमें भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
