Adiabatic Technologies: Adiabatic Technologies ने 8.3 करोड़ की सीड फंडिंग हासिल की है। यह निवेश कंपनी को लिथियम-आयन बैटरी सिस्टम का उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक विकसित करने और इंजीनियरिंग टीम मजबूत करने में मदद करेगा।
Adiabatic Technologies ने 8.3 करोड़ की जुटाई फंडिंग, जानें कंपनी इस निवेश का इस्तेमाल बैटरी उत्पादन, नई तकनीक और कारोबार बढ़ाने में कैसे करेगी।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल?
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Malpani Ventures और Avinya Ventures ने किया। इसके अलावा Appreciate Capital, DeVC, Operators Studio और UPES Incubator ने भी निवेश किया। कंपनी के अनुसार, इस पूंजी का इस्तेमाल सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 100 MWh तक बढ़ाने, नए प्रोडक्ट विकसित करने और इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करने में किया जाएगा।
किन सेक्टरों में बढ़ेगा कारोबार?
2022 में दर्शन मेहर द्वारा स्थापित Adiabatic Technologies कस्टम लिथियम-आयन बैटरी पैक, स्मार्ट चार्जर और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम बनाती है। कंपनी अब अपने उत्पादों का विस्तार रोबोटिक्स, ड्रोन, डिफेंस, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, मरीन, कृषि उपकरण और औद्योगिक ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों में करेगी। कंपनी का दावा है कि अब तक उसने 20,000 से अधिक बैटरी सिस्टम 25 से ज्यादा मैन्युफैक्चरर्स को उपलब्ध कराए हैं।
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भारत में विकसित होगी नई बैटरी तकनीक
संस्थापक दर्शन मेहर ने कहा कि यह निवेश भारत में विकसित हाई-परफॉर्मेंस बैटरी सिस्टम को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा। कंपनी बैटरी डिजाइन, थर्मल मैनेजमेंट और बैटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर खुद तैयार करती है। साथ ही ऑटोनॉमस रोबोट और मानव रहित हवाई प्रणालियों के लिए नई बैटरी तकनीक पर भी काम कर रही है।
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Adiabatic Technologies की यह 8.3 करोड़ की फंडिंग भारतीय डीपटेक और बैटरी इंडस्ट्री के लिए अहम मानी जा रही है। उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ कंपनी रोबोटिक्स, ड्रोन और डिफेंस जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी में है।
