Delhi Internet Shutdown: सोमवार को दिल्ली के मध्य इलाके में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान मोबाइल इंटरनेट सेवाएं करीब 10 बजे सुबह से शाम 6 बजे तक बंद रहीं। हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान Airtel, Jio और VI जैसे टेलीकॉम ऑपरेटरों को प्रभावित इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने के निर्देश मिलने की बात सामने आई।
‘चलो संसद’ मार्च के बीच दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट बंद, इंटरनेट बंद करने के आदेश की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने पर सवाल उठे।
‘चलो संसद’ मार्च के बीच इंटरनेट सेवा बंद
मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन किया। इसके बाद कुछ लोगों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इसी बीच सुबह करीब 10 बजे कई लोगों को मोबाइल इंटरनेट में परेशानी आने लगी। कई मोबाइल यूजर्स को संदेश भी मिला। इसमें बताया गया कि सरकारी निर्देश के अनुसार मोबाइल इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। हालांकि, इंटरनेट बंद करने का आदेश किस सरकारी विभाग या अधिकारी ने जारी किया, यह अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेवाएं शाम करीब 6 बजे बहाल कर दी गईं।
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टेलीकॉम कंपनियों को मिले निर्देश, लेकिन आदेश कहां है?
दो बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों ने इंटरनेट बंद किए जाने के लिए सरकारी निर्देश मिलने की पुष्टि की। हालांकि, संबंधित आदेश की सार्वजनिक कॉपी अभी सामने नहीं आई है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने इसी मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। संगठन के मुताबिक, गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, दिल्ली सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से आदेश की कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई। IFF ने कहा कि आदेश सामने नहीं होने से यह जांचना मुश्किल है कि इंटरनेट बंद करने का फैसला किस सक्षम अधिकारी ने लिया और क्या यह कानूनी नियमों के तहत किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
डिजिटल अधिकार संगठन ने अनुराधा भसीन बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। संगठन के अनुसार, इंटरनेट सेवा रोकने से जुड़े आदेश सार्वजनिक किए जाने चाहिए। साथ ही, ऐसे आदेशों में कारणों की जानकारी होनी चाहिए और उनकी न्यायिक समीक्षा संभव होनी चाहिए। इस बीच, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने संसद के पास सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
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दिल्ली में पहले भी लग चुकी है इंटरनेट पाबंदी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट बंद होने का यह पहला मामला नहीं है। 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राजधानी के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं रोकी गई थीं। इसके अलावा 2021 में किसान आंदोलन के दौरान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर के आसपास भी इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं। सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर के इंटरनेट शटडाउन ट्रैकर के अनुसार, भारत में 2026 में अब तक 24 इंटरनेट शटडाउन दर्ज किए गए हैं।
