चीन का WAICO लॉन्च, अब दुनिया में बदलेगा टेक गेम

चीन का WAICO लॉन्च, अब दुनिया में बदलेगा टेक गेम

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July 21, 2026

China AI Policy: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 17 जुलाई को शंघाई में World Artificial Intelligence Cooperation Organization (WAICO) की शुरुआत की घोषणा की। इससे एक दिन पहले 29 देशों ने इसके संस्थापक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। संगठन का स्थायी मुख्यालय शंघाई में होगा।

शी जिनपिंग ने शंघाई में WAICO किया लॉन्च, जानें चीन की इस नई पहल से AI के वैश्विक नियमों और तकनीकी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।

WAICO क्या है और चीन ने क्यों बनाया?

WAICO एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसका मकसद AI के विकास में देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर AI से जुड़े नियमों और मानकों पर काम करना है। संगठन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों को आधार मानने की बात करता है।

इस पहल का विचार पहली बार 2025 में सामने आया था। अब चीन ने इसे एक औपचारिक संस्था का रूप दे दिया है। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े पश्चिमी देशों ने समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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29 देशों के साथ चीन का बड़ा AI दांव

WAICO में रूस, बेलारूस, सर्बिया, क्यूबा, ब्राजील, वेनेजुएला, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया और लाओस समेत एशिया और अफ्रीका के कई देश शामिल हैं। चीन ने विकासशील देशों को AI से जोड़ने के लिए अगले 5 साल में 5,000 प्रशिक्षण और सेमिनार अवसर देने की बात कही है। इसके अलावा ASEAN, अफ्रीकी संघ, अरब लीग और BRICS जैसे क्षेत्रीय समूहों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना है।

चीन के मुताबिक, उसके AI उद्योग का आकार 2025 में 1.2 ट्रिलियन युआन से ज्यादा था। देश में 6,200 से अधिक AI कंपनियां हैं। चीनी ओपन-सोर्स AI मॉडल्स को 10 अरब से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

AI की दुनिया में दो अलग-अलग धड़े बन सकते हैं

चीन की यह पहल ऐसे समय आई है जब AI को लेकर अमेरिका और यूरोप की नीतियां अलग दिशा में बढ़ रही हैं। यूरोपीय संघ ने 2024 में व्यापक AI कानून लागू किया। वहीं अमेरिका ने AI विकास पर अपेक्षाकृत हल्के घरेलू नियमों के साथ तकनीकी निर्यात पर सख्त नियंत्रण की नीति अपनाई है। ऐसे में WAICO के जरिए चीन विकासशील देशों को एक अलग विकल्प देना चाहता है। चीन का जोर AI प्रशिक्षण, तकनीकी पहुंच और ओपन-सोर्स मॉडल पर है। इससे उन देशों को फायदा मिल सकता है जो महंगी AI तकनीक और विशेषज्ञता तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।

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WAICO से क्या बदलेगा?

WAICO के पास AI कंपनियों पर सीधे नियम लागू करने की ताकत नहीं है। इसके अलावा अमेरिका और यूरोपीय संघ की गैर-मौजूदगी संगठन के प्रभाव को सीमित कर सकती है। फिर भी इसका असर लंबी अवधि में बड़ा हो सकता है। अगर दूसरे देश चीनी AI मॉडल, प्रशिक्षण और तकनीकी ढांचे पर निर्भर होते हैं, तो भविष्य में AI मानकों पर चीन का प्रभाव बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मौजूदगी ने भी इस लॉन्च को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि WAICO कितने देशों को अपने साथ जोड़ पाता है और क्या यह वैश्विक AI शासन में चीन की भूमिका को मजबूत कर पाएगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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