Railway University India : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन में इसका जिक्र होने के बाद Gati Shakti Vishwavidyalaya एक बार फिर चर्चा में है। गुजरात के वडोदरा स्थित यह विश्वविद्यालय सिर्फ रेलवे की पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यहां रेल, एविएशन, समुद्री परिवहन, हाईवे, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़े कोर्स भी कराए जाते हैं।
Gati Shakti Vishwavidyalaya में 2026-27 के BTech, BSc, BBA और MBA कोर्स, फीस और एडमिशन की पूरी जानकारी जानें।
Railway University से Gati Shakti Vishwavidyalaya तक का सफर
Gati Shakti Vishwavidyalaya गुजरात के वडोदरा में स्थित है। यह रेल मंत्रालय, भारत सरकार के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय है। हालांकि, इसकी पहचान रेलवे से जुड़ी है, लेकिन इसका मौजूदा दायरा काफी बड़ा है। इस विश्वविद्यालय की शुरुआत 2018 में National Rail and Transportation Institute यानी NRTI के रूप में हुई थी। तब यह परिवहन शिक्षा, रिसर्च और ट्रेनिंग पर केंद्रित डीम्ड यूनिवर्सिटी थी। बाद में संसद के कानून के जरिए 2022 में इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। इसके बाद इसका नाम बदलकर Gati Shakti Vishwavidyalaya कर दिया गया। विश्वविद्यालय का लक्ष्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए तैयार प्रोफेशनल तैयार करना है।
Class 12 के बाद कौन से BTech कर सकते हैं?
अभी 2026-27 शैक्षणिक सत्र में GSV में 7 चार वर्षीय BTech प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनमें रेलवे इंजीनियरिंग के साथ आधुनिक तकनीक और दूसरे परिवहन क्षेत्रों पर भी फोकस है।
उपलब्ध BTech प्रोग्राम में शामिल हैं:
- Civil Engineering, Rail Engineering स्पेशलाइजेशन
- Electronics and Communication Engineering, Rail Engineering स्पेशलाइजेशन
- Mechanical Engineering, Rail Engineering स्पेशलाइजेशन
- Electrical Engineering, Rail Engineering स्पेशलाइजेशन
- Artificial Intelligence and Data Science, Transportation and Logistics स्पेशलाइजेशन
- Aviation Engineering
- Maritime Engineering
Civil, ECE, Mechanical, Electrical और AI & Data Science प्रोग्राम में 60-60 सीटें हैं। Aviation Engineering में 40 सीटें और Maritime Engineering में 30 सीटें हैं।
BTech में एडमिशन के लिए JEE Main जरूरी
GSV में BTech के लिए छात्रों को अलग से विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। 2026-27 में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को JEE Main 2026 क्वालिफाई करना होगा। इसके बाद एडमिशन JoSAA या CSAB काउंसलिंग के जरिए होगा। यानी छात्रों को JEE Main में प्रदर्शन के बाद संबंधित काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा। GSV ने साफ किया है कि BTech एडमिशन के लिए कोई अलग GSV Entrance Test नहीं है, इसलिए छात्रों को किसी अतिरिक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने की जरूरत नहीं है।
फीस की बात करें तो 2026-27 में सालाना प्रोग्राम फीस डे स्कॉलर के लिए 1 लाख से ज्यादा है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए यह 2 लाख से ज्यादा है। पहले सेमेस्टर की फीस डे स्कॉलर के लिए 97 हजार से ज्यादा और हॉस्टलर के लिए 1 लाख से ज्यादा है। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा है कि फीस में बदलाव सक्षम प्राधिकारी के फैसले के अनुसार हो सकता है।
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BSc, BBA और MBA में भी विकल्प
GSV में BSc और BBA के लिए अलग एडमिशन प्रक्रिया है। विश्वविद्यालय के मौजूदा आवेदन पोर्टल पर BSc/BBA को BTech और पोस्टग्रेजुएट एडमिशन से अलग रखा गया है। इन कोर्स की जड़ें NRTI के दौर से जुड़ी हैं। उस समय Transportation Technology में BSc और Transportation Management में BBA जैसे कोर्स चलाए जाते थे। इन प्रोग्राम में आवेदन करने वाले छात्रों को संबंधित साल की पात्रता और एडमिशन नोटिफिकेशन जरूर देखना चाहिए। ग्रेजुएशन के बाद छात्रों के लिए MBA के विकल्प भी हैं। इनमें Logistics and Supply Chain Management और Ports and Shipping Logistics जैसे कोर्स शामिल हैं।
Ports and Shipping Logistics में MBA, Indian Maritime University के सहयोग से कराया जाता है। Logistics and Supply Chain Management के लिए CUET-PG, XAT, CAT या MAT जैसे वैध स्कोर स्वीकार किए जाते हैं। Ports and Shipping Logistics के लिए IMU-CET, CUET-PG, XAT, CAT या MAT स्कोर मान्य हैं। शॉर्टलिस्ट छात्रों का पर्सनल इंटरव्यू भी होता है। अंतिम चयन सिर्फ प्रवेश परीक्षा के स्कोर पर नहीं होता।
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सिर्फ Railway University कहना क्यों अधूरा है?
GSV को Railway University कहने की वजह साफ है। इसकी शुरुआत रेलवे और परिवहन शिक्षा से हुई थी। साथ ही इसका सीधा संबंध रेल मंत्रालय से है, लेकिन आज इसका फोकस रेलवे से कहीं आगे बढ़ चुका है। यहां छात्र रेलवे, एविएशन, समुद्री परिवहन, पोर्ट, हाईवे, वाटरवेज, लॉजिस्टिक्स और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई कर सकते हैं। AI और Data Science जैसे तकनीकी क्षेत्र को भी परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जोड़ा गया है। यही वजह है कि आज GSV को सिर्फ रेलवे से जुड़ी यूनिवर्सिटी मानना इसकी पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।
