कार्ल पेई ने भारत से Global Consumer Electronics Brand बनाने का लक्ष्य बताया, जानें Nothing की हिस्सेदारी और भारत में प्रोडक्ट डेवलपमेंट को लेकर कंपनी की रणनीति।
CMF By Nothing : Nothing के CEO कार्ल पेई ने इसी दिशा में बड़ा प्लान सामने रखा है। उन्होंने कहा है कि CMF एक अलग कंपनी बनेगी, जिसका बहुमत भारतीय मालिकों के पास होगा। इसका मुख्यालय, मैनेजमेंट और Research & Development यानी R&D भारत में होगा।
Nothing से अलग होकर CMF बनेगी भारतीय कंपनी
कार्ल पेई ने X पर ‘India Is Inevitable’ नाम से पोस्ट में CMF की आगे की योजना बताई। Nothing इसमें अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगा और पार्टनर के तौर पर काम करता रहेगा। यह योजना अचानक नहीं आई है। Nothing ने 2025 में CMF को भारत आधारित सब्सिडियरी के रूप में अलग करने का फैसला किया था। इसके बाद CMF को 2025 में भारत में औपचारिक रूप से शामिल किया गया।
— Carl Pei (@getpeid) September 21, 2026
भारत में ही बनेगा CMF का प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी
पेई का मानना है कि भारत का स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब उस स्तर पर पहुंच गया है, जहां कंपनियों को सिर्फ फोन बनाने के बजाय प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर भी निवेश करना चाहिए। उन्होंने भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड्स का उदाहरण दिया। 2015 में इन ब्रांड्स की घरेलू बाजार में करीब आधी हिस्सेदारी थी। पेई के मुताबिक, तैयार डिजाइन पर निर्भर रहने से वे विदेशी कंपनियों के सामने कमजोर पड़ गए। CMF अब भारत में Hardware Design, Camera Processing, Operating System और Component Suppliers के साथ Engineering Partnerships पर काम करेगा।
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CMF का लक्ष्य हर साल 10 करोड़ फोन बेचना
कार्ल पेई ने CMF के लिए सालाना 100 मिलियन यानी 10 करोड़ स्मार्टफोन बेचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हालांकि, इसे हासिल करने की कोई समयसीमा अभी नहीं बताई गई है। पेई का मानना है कि इस स्तर की बिक्री से CMF को कंपोनेंट्स के विकास पर ज्यादा असर डालने और Engineering Costs को बड़ी संख्या में डिवाइस में बांटने में मदद मिलेगी।
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Nothing की हिस्सेदारी रहेगी, भारत पर बढ़ेगा फोकस
प्रस्तावित ढांचे में CMF भारतीय कंपनी होगी और इसमें भारतीय मालिकों की बहुमत हिस्सेदारी होगी। उसे Nothing की Technology और Supplier Network का फायदा मिलता रहेगा। Nothing ने पहले भारत की Optiemus Infracom के साथ Manufacturing Partnership की घोषणा की थी। इसमें 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश की योजना थी। पेई का कहना है कि भारत की अगली स्मार्टफोन ग्रोथ लोकल इंजीनियरिंग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर निर्भर करेगी। उनका मानना है कि भारत से Global Consumer Electronics कंपनियां निकलेंगी।
