UP Robotics AI Deep Tech: क्या उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा AI हब बनने की ओर बढ़ रहा है? आज योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसी दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश AI हब बनाने के लिए रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश और रिसर्च इकोसिस्टम तैयार करने का रोडमैप पेश किया है।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर का बड़ा केंद्र बनाने का रोडमैप तैयार किया है।
नोएडा का PRAGATI प्रोजेक्ट बनेगा सबसे बड़ा टेक सेंटर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को PRAGATI (Park for Robotics, Artificial Intelligence, GPU Clusters and Advanced Technical Innovation) परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। यह परियोजना नोएडा में करीब 75 एकड़ जमीन पर विकसित होगी। सरकार के मुताबिक यह भारत का पहला एकीकृत रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा। यहां रोबोटिक्स टेस्टिंग सेंटर, एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फिजिकल एआई डेटा सेंटर, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर, मोशन कैप्चर लैब और रैपिड प्रोटोटाइपिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
1 लाख रोजगार और 2,000 करोड़ से ज्यादा वैल्यू एडिशन का लक्ष्य
सरकार का दावा है कि यह परियोजना अगले 5 वर्षों में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी। साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था में 2,000 करोड़ से ज्यादा का सकल मूल्य संवर्धन (Gross Value Addition) होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स नई औद्योगिक क्रांति की नींव बनेंगे। इसलिए उत्तर प्रदेश को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि इनोवेशन और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाना जरूरी है।
READ MORE: कर्नाटक सरकार का मास्टर प्लान, क्लास 6 से AI होगा अनिवार्य
लखनऊ और नोएडा में बनेंगे U Hub
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ आवंटित कर लखनऊ और नोएडा में दो U Hub स्थापित करने का फैसला किया है। इन केंद्रों का उद्देश्य केवल स्टार्टअप को जगह देना नहीं होगा, बल्कि रिसर्च संस्थानों, उद्योग, निवेशकों और शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाना होगा।
- नोएडा U Hub में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, फिजिकल एआई और रक्षा तकनीक पर काम होगा।
- लखनऊ U Hub में एप्लाइड एआई, हेल्थकेयर एआई, गवटेक, बायोसाइंस और कृषि जैव-प्रौद्योगिकी पर विशेष फोकस रहेगा।
युवाओं के लिए भविष्य की तकनीकों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही आईटी नीति को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाने तथा गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद से आगे बढ़कर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक आईटी उद्योग का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया।
READ MORE: BIT Mesra का बड़ा ऐलान, NVIDIA B200 से बदलेगी AI रिसर्च
उत्तर प्रदेश सरकार का यह रोडमैप राज्य को एआई, रोबोटिक्स और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो प्रदेश रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार का नया केंद्र बन सकता है।
