Mudrex KoinX: क्या आपने क्रिप्टो में निवेश किया है, लेकिन टैक्स रिटर्न भरते समय कोई गलती हो गई थी? अब भी आपके पास उसे सुधारने का मौका है। Crypto Tax Return को आसान बनाने के लिए भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज Mudrex और टैक्स प्लेटफॉर्म KoinX ने नया अभियान Course Correct शुरू किया है। इसका मकसद निवेशकों को 31 जुलाई की आयकर रिटर्न की आखिरी तारीख से पहले अपनी पुरानी गलतियां सुधारने में मदद करना है।
क्रिप्टो टैक्स रिटर्न में गलती हुई है? जानें ITR-U के जरिए पुरानी रिटर्न कैसे सुधारें और Mudrex-KoinX की नई पहल से क्या मिलेगा फायदा।
ITR-U के जरिए अब भी सुधार सकते हैं पुरानी रिटर्न
कंपनियों ने बताया कि आयकर कानून की Section 139(8A) के तहत मिलने वाले ITR-U (Updated Return) विकल्प की जानकारी अभी भी कई निवेशकों को नहीं है। इसकी मदद से टैक्सदाता पिछले 4 वित्तीय वर्षों की रिटर्न में सुधार कर सकते हैं। मौजूदा FY 2026-27 फाइलिंग सीजन में निवेशक FY 2021-22 तक की रिटर्न अपडेट कर सकते हैं। खास बात यह है कि अगर किसी को पहले टैक्स नोटिस मिल चुका है, तब भी कुछ मामलों में अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प मौजूद है।
क्रिप्टो टैक्स में सबसे ज्यादा कहां होती हैं गलतियां?
आयकर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि FY 2022-23 में करीब 6.45 लाख लोगों के क्रिप्टो लेनदेन पर TDS कटा, लेकिन केवल 1.39 लाख लोगों ने अपनी आयकर रिटर्न में Virtual Digital Asset (VDA) की जानकारी दी। विशेषज्ञों के मुताबिक कई निवेशकों ने नियमों को सही तरह नहीं समझा। आमतौर पर ये गलतियां सामने आईं:
- 1% TDS को पूरा टैक्स मान लेना।
- क्रिप्टो-टू-क्रिप्टो ट्रेड को टैक्स से बाहर समझना।
- हर लेनदेन को Schedule VDA में अलग-अलग दर्ज नहीं करना।
क्योंकि सभी लेनदेन PAN से जुड़े होते हैं, इसलिए आयकर विभाग आसानी से रिकॉर्ड का मिलान कर सकता है।
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Mudrex और KoinX कैसे करेंगे मदद?
इस अभियान के तहत Mudrex यूजर्स अपनी ट्रेडिंग हिस्ट्री सीधे KoinX से जोड़ सकेंगे। इसके बाद अलग-अलग एक्सचेंज और वॉलेट का डेटा एक जगह मिलाकर टैक्स रिपोर्ट तैयार होगी। जरूरत पड़ने पर ITR-U भी दाखिल कराया जाएगा। Mudrex के संस्थापक एडुल पटेल का कहना है कि ज्यादातर लोग जानबूझकर टैक्स नहीं छिपाते, बल्कि नियमों की जानकारी न होने से गलती कर बैठते हैं। वहीं KoinX के संस्थापक पुनीत अग्रवाल का कहना है कि अपनी ओर से रिटर्न सुधारना, बाद में टैक्स नोटिस और जुर्माना झेलने से कहीं बेहतर है।
अगले साल और सख्त होगी निगरानी
सरकार अब क्रिप्टो लेनदेन पर निगरानी और मजबूत करने की तैयारी में है। अगले साल से भारत को OECD के Crypto-Asset Reporting Framework (CARF) के तहत विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के लेनदेन की जानकारी भी मिलने लगेगी। इसके अलावा Finance Bill 2026 में भी ITR-U के दायरे को बढ़ाया गया है। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड सही करना निवेशकों के लिए पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
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अगर आपने पहले किसी Crypto Tax Return में गलती की है तो अब उसे सुधारने का मौका अभी भी मौजूद है। समय रहते सही जानकारी के साथ ITR-U दाखिल करना भविष्य में नोटिस, जुर्माने और कानूनी परेशानियों से बचा सकता है।
