US Iran Conflict Bitcoin: क्या बिटकॉइन की तेजी अब थमने वाली है? Bitcoin Price Today में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने क्रिप्टो बाजार का माहौल बिगाड़ दिया। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू की, जिसका सीधा असर बिटकॉइन समेत दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी पर भी पड़ा।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Bitcoin समेत कई बड़ी क्रिप्टोकरेंसी दबाव में, जानिए आज Bitcoin की ताज़ा कीमत, बाजार की चाल और आगे किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर।
बिटकॉइन में गिरावट, लेकिन 60,000 डॉलर का स्तर बना मजबूत
ताज़ा कारोबार में बिटकॉइन 24 घंटे में 0.65% और पिछले 7 दिनों में 1.94% तक कमजोर हुआ। हालांकि इससे पहले यह कुछ समय के लिए 64,250 डॉलर के ऊपर पहुंचा था। पिछले दिनों बिटकॉइन 57,800 डॉलर तक फिसल गया था, लेकिन 60,000 डॉलर का अहम सपोर्ट नहीं टूटा। इसके बाद इसमें करीब 11% की तेजी आई और यह लगभग 64,700 डॉलर तक पहुंच गया। फिलहाल, बिटकॉइन 60,000 डॉलर से 65,000 डॉलर के बीच सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। निवेशक किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल का असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की आशंका बढ़ाती हैं। इसके साथ डॉलर मजबूत होता है और बॉन्ड यील्ड भी ऊपर जा सकती है। ऐसे माहौल में क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम वाले निवेश पर दबाव बढ़ना आम बात है।
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क्रिप्टो बाजार की नजर अब 65,000 डॉलर पर
विश्लेषकों का मानना है कि अगर बिटकॉइन 65,000 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो इसमें फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं अगर कीमत 60,000 डॉलर के करीब आती है तो निवेशकों की नजर एक बार फिर इस अहम सपोर्ट स्तर पर रहेगी। सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, दूसरी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार सिर्फ क्रिप्टो की खबरों पर नहीं, बल्कि तेल की कीमत, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की उम्मीद और पश्चिम एशिया के हालात पर भी नजर रखे हुए है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह समय?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव खत्म होने तक निवेशकों का रुख सतर्क रह सकता है। अगर पश्चिम एशिया की स्थिति में सुधार होता है और वैश्विक बाजार स्थिर होते हैं, तभी क्रिप्टो बाजार में मजबूत खरीदारी लौटने की संभावना बढ़ेगी।
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अभी बिटकॉइन दबाव में जरूर है, लेकिन 60,000 डॉलर का स्तर निवेशकों के लिए सबसे अहम बना हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल ही क्रिप्टो बाजार की अगली दिशा तय कर सकती है।
