Sundar Pichai: क्या दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों पर छात्रों का भरोसा कम हो रहा है? Stanford University के ग्रेजुएशन समारोह में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। Google के CEO सुंदर पिचाई जब छात्रों को संबोधित कर रहे थे, तभी कई छात्रों ने अचानक वॉकआउट कर दिया। यह विरोध गूगल के कथित सरकारी और रक्षा संबंधी प्रोजेक्ट्स को लेकर किया गया।
Stanford में सुंदर पिचाई की स्पीच बीच में रोकी: Google के Military Contracts के खिलाफ छात्रों का बड़ा वॉकआउट
सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान हुआ विरोध
रविवार को Stanford University के ग्रेजुएशन समारोह में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने अपनी सीटों से उठकर कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रदर्शन ‘Students for Justice in Palestine’ और ‘No Tech for Apartheid’ जैसे छात्र समूहों ने किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गूगल कुछ ऐसे सरकारी और सैन्य प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, जिनका वे विरोध करते हैं। हालांकि, विरोध के बावजूद कार्यक्रम जारी रहा और सुंदर पिचाई ने अपना संबोधन पूरा किया।
AI नहीं, जीवन के सबक पर बोले Sundar Pichai
दिलचस्प बात यह रही कि पिचाई ने अपने भाषण में AI या नई तकनीकों पर ज्यादा चर्चा नहीं की। उन्होंने छात्रों को जीवन में सकारात्मक सोच और बदलाव को अपनाने की सलाह दी। पिचाई ने कहा कि लोग उन्हें लगातार सलाह दे रहे थे कि भाषण में क्या कहना है और क्या नहीं कहना है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया, जिससे समारोह का माहौल सहज बना रहा।
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AI और नौकरियों को लेकर बढ़ रही बहस
यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है जब AI और रोजगार को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है। कई टेक कंपनियां AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अपने कामकाज में बदलाव कर रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI भविष्य में कई नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, दूसरी ओर कई उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि AI नए अवसर भी पैदा करेगा। इसी वजह से विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में AI का प्रभाव चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।
छात्रों ने क्यों उठाए बड़े सवाल?
प्रदर्शन करने वाले छात्रों का कहना है कि बड़ी टेक कंपनियों को अपने सरकारी और सुरक्षा संबंधी समझौतों में ज्यादा पारदर्शिता दिखानी चाहिए। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के साथ भी होना चाहिए। इसी संदेश को देने के लिए उन्होंने वॉकआउट का रास्ता चुना।
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Stanford का यह विरोध सिर्फ एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। यह दिखाता है कि अब छात्र टेक कंपनियों की नीतियों और उनके सामाजिक प्रभावों पर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं सुंदर पिचाई ने अपने संदेश में युवाओं को सकारात्मक सोच और बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
