Indore Crypto Fraud: क्या 100 दिन में पैसा दोगुना हो सकता है? इसी लालच में कई लोगों ने अपनी जमा-पूंजी गंवा दी। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े Crypto फ्रॉड का खुलासा किया है, जिसमें निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
इंदौर होटल से फैला Crypto स्कैम नेटवर्क, Forex और Crypto फ्रॉड में फंसाए गए निवेशक, कई राज्यों तक फैला जाल
100 दिन में पैसा दोगुना करने का दिया लालच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और Forex ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर फंसाया। निवेशकों से कहा गया कि उनका पैसा सिर्फ 100 दिनों में दोगुना हो जाएगा। शुरुआत में कुछ लोगों को 2% रिटर्न भी दिया गया, जिससे भरोसा बढ़ा। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश किया। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस आई। मामले में कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है।
फर्जी अमेरिकी कंपनी बनाकर बिछाया जाल
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए ‘A Square World Global Consultancy’ नाम की एक कथित अमेरिकी कंपनी बनाई थी। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने निवेशकों से करीब 2.5 करोड़ अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाए। इन खातों में व्यक्तिगत और कंपनी से जुड़े खाते शामिल थे। अधिकारियों को शक है कि ठगी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
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बड़े होटलों में सेमिनार कर जुटाए निवेशक
पीड़ितों के मुताबिक, लोगों को पहले सामाजिक कार्यक्रमों और किटी पार्टियों के जरिए जोड़ा गया। इसके बाद इंदौर के होटल सोलारिस और होटल रेडिसन में निवेश संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक बड़े सेमिनार में करीब 200 लोग शामिल हुए थे। वहां निवेशकों को ऊंचे रिटर्न और महंगे उपहारों का लालच दिया गया। इन्हीं बैठकों के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पैसा निवेश किया।
भुगतान रुका तो शुरू हुए बहाने
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मार्च 2025 के बाद भुगतान आना बंद हो गया। जब निवेशकों ने सवाल पूछे तो वेबसाइट मेंटेनेंस और तकनीकी समस्या का हवाला दिया गया। बाद में आरोपियों ने Zoom मीटिंग कर जल्द भुगतान का भरोसा भी दिया। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। निवेशकों का दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने संपर्क करना भी बंद कर दिया।
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इंदौर क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी की तलाश जारी है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि ज्यादा मुनाफे का लालच कई बार बड़ी ठगी में बदल सकता है।
