AC Fridge Price Hike: अगर आप गर्मी से राहत पाने के लिए नया एसी (AC) या फ्रिज खरीदने की सोच रहे हैं, तो ज्यादा इंतजार करना आपके लिए नुकसान का सौदा हो सकता है। आने वाले दिनों में बाजार में इन अप्लायंसेस की कमी देखने को मिल सकती है। इतना ही नहीं, जो मॉडल उपलब्ध होंगे उनकी कीमत भी पहले से ज्यादा हो सकती है। इसकी बड़ी वजह सरकार द्वारा कंप्रेसर के आयात (Import) पर लगाए गए नए प्रतिबंध हैं।
गर्मी में नया AC या फ्रिज खरीदने की सोच रहे हैं? सरकार के नए फैसले के बाद कंपनियों ने सप्लाई और कीमतों को लेकर जताई चिंता।
क्यों अहम है कंप्रेसर?
कंप्रेसर AC और फ्रिज का सबसे जरूरी हिस्सा होता है। यही पार्ट ठंडी हवा और कूलिंग सिस्टम को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। अगर कंप्रेसर की सप्लाई कम होती है, तो कंपनियों के लिए नए AC और फ्रिज बनाना मुश्किल हो सकता है। अब सरकार ने कंप्रेसर के आयात पर सीमा तय कर दी है, जिससे आने वाले समय में इसकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। सरकार के इस फैसले के बाद बड़ी कंपनियों जैसे LG Electronics, Samsung Electronics और Blue Star ने चिंता जताई है।
कंपनियों ने जताई चिंता
कंपनियों का कहना है कि भारत में अभी पूरे बाज़ार की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मैन्युफैक्चरिंग क्षमता नहीं है। जहाँ एक तरफ सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना है, वहीं कंपनियों का मानना है कि घरेलू उत्पादन अभी ज़रूरतों से कम पड़ रहा है। अगर विदेशों से कंप्रेसर की आवक धीमी हो जाती है, तो AC और रेफ्रिजरेटर का उत्पादन बाधित हो सकता है, जिससे बाज़ार में सप्लाई में कमी आ सकती है।
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क्या कहता है नया सरकारी नियम?
सरकारी आदेश के मुताबिक, कंपनियां अब रेफ्रिजरेटर कंप्रेसर का आयात वित्त वर्ष 2025 में किए गए कुल आयात का अधिकतम 40 प्रतिशत ही कर पाएंगी। वहीं एयर-कंडीशनर कंप्रेसर के लिए यह सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। यह नियम 2 ton तक की क्षमता वाले एसी और फ्रिज पर लागू होगा, जिनकी बाजार में लगभग 85 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
जानकारी के अनुसार, भारत में अभी AC कंप्रेसर की मांग का लगभग 50 प्रतिशत और फ्रिज कंप्रेसर की मांग का करीब 60 प्रतिशत ही घरेलू स्तर पर तैयार हो पाता है। बाकी जरूरत पूरी करने के लिए कंपनियों को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।
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ग्राहकों की जेब पर क्या होगा असर?
इस फैसले का सीधा असर ग्राहकों पर पड़ सकता है। अगर कंपनियों को पर्याप्त कंप्रेसर नहीं मिलेंगे, तो उत्पादन कम होगा। इससे बाजार में मॉडल्स की संख्या घट सकती है और ग्राहकों के पास कम विकल्प बचेंगे।
