Russian superyacht breaches strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका के बीच और होर्मुज जलडमरूमध्य Strait of Hormuz की नाकाबंदी के बीच एक रूसी सुपरयॉट Luxurious Yacht के गुजरने ने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। जहाँ दुनिया की महाशक्तियां इस रास्ते पर एक-दूसरे के सामने खड़ी हैं, वहीं 500 मिलियन डॉलर के इस जहाज का यहाँ से सुरक्षित निकल जाना कई सवाल खड़े करता है।
ईरान युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा रूसी सुपरयॉट ‘Nord’। पुतिन और ईरानी विदेश मंत्री की मुलाकात के बीच समंदर में दिखी बड़ी हलचल।
मौत के मुहाने से गुजरा ‘नॉर्ड’ सुपरयॉट
जब समंदर के सबसे खतरनाक रास्ते ‘होर्मुज’ पर सन्नाटा पसरा है और युद्ध की आहट है, तब 142 मीटर लंबा नॉर्ड नामक सुपरयॉट इस नाकाबंदी को पार करने में सफल रहा। 500 मिलियन डॉलर लगभग 4100 करोड़ रुपये की कीमत वाला यह आलीशान जहाज दुबई से रवाना हुआ और शनिवार सुबह रणनीति के तहत महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को पार कर रविवार को मस्कट पहुँच गया। शिपिंग डेटा के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से यहाँ से गुजरने वाले यह गिने-चुने जहाजों में से एक है।
पुतिन के करीबी अरबपति से जुड़ा है कनेक्शन
इस यॉट का सुरक्षित निकलना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी और प्रतिबंधित अरबपति एलेक्सी मोर्डाशोव से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, कागजों पर इसका मालिकाना हक उनकी पत्नी की कंपनी के पास है। प्रतिबंधों के जाल में फंसे होने के बावजूद इस लग्जरी बोट का युद्ध क्षेत्र से सही-सलामत निकलना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में रूस और ईरान के बढ़ते तालमेल की ओर इशारा करता है।
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होर्मुज की नाकाबंदी और वैश्विक संकट
फरवरी में ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से यह महत्वपूर्ण जलमार्ग लगभग बंद है। सामान्य दिनों में यहाँ से रोजाना 125 से 140 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह गिनती नाममात्र रह गई है। चूंकि दुनिया की 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। इसलिए अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। ऐसे में एक रूसी जहाज का पास होना स्पेशल ट्रीटमेंट जैसा नजर आता है।
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सेंट पीटर्सबर्ग में ‘पावर मीटिंग’ और अमेरिकी चुनौती
जिस समय यह यॉट लहरों को चीर रहा था, उसी दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन से मुलाकात कर रहे थे। अराघची ने बड़े गर्व से मीडिया को बताया कि ईरान दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के सामने डटकर खड़ा है और वाशिंगटन अपना एक भी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। पुतिन ने भी अमेरिकी और इजरायली हमलों के खिलाफ ईरानी लोगों के साहस की जमकर तारीफ की।
इस सुपरयॉट के गुजरने की घटना एक बड़ा संदेश है। यह दिखाता है कि अमेरिकी नौसेना की सख्ती के बावजूद, रूस और ईरान जैसे देश एक-दूसरे के हितों की रक्षा कर रहे हैं।
