US ब्लॉकेड के बावजूद ईरानी तेल की सप्लाई जारी

US नाकेबंदी फेल? हॉर्मुज़ से 34 टैंकर निकल गए, अरबों का तेल खेल उजागर!

7 mins read
8 views
April 22, 2026

Iran oil tankers blockade: मिडिल ईस्ट  में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर वैश्विक चर्चा केंद्र में है। अमेरिका ने दावा किया कि उसका इस क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण है। उसने अपनी नाकेबंदी को बड़ी सफलता बताया है। वहीं, दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू की। इसका मकसद था ईरान के व्यापार को पूरी तरह रोकना। खासकर तेल और युद्ध से जुड़ी सामग्री की आवाजाही रोकना। अमेरिका यह मानकर चल रही थी कि इससे ईरान की सप्लाई लाइन टूट जाएगी। लेकिन यह रणनीति पूरी तरह सफल होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 34 टैंकर नाकेबंदी पार, तेल व्यापार पर बड़ा सवाल। जानिए ईरान कैसे किया खेला।

टैंकरों की आवाजाही जारी

रिपोर्ट की मानें तो  कम से कम 34 टैंकर blockade को पार करने में सफल रहे। इन जहाजों का संबंध ईरान से बताया गया है। कुछ जहाज खाड़ी से बाहर निकल गए। वहीं कई जहाज अरब सागर से ईरान की ओर बढ़े। जिसके बाद से अमेरिका के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। इन जहाजों में कई टैंकर कच्चा तेल लेकर जा रहे थे। अनुमान है कि करीब 1.07 करोड़ बैरल तेल की ढुलाई हुई। इसकी कीमत 900 मिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी जा रही है। यह रकम ईरान के लिए बड़ी आर्थिक राहत मानी जा रही है।

READ MORE- सोचने वाला AI आ गया, अब ChatGPT Images 2.0 से बनेगा स्मार्ट विज़ुअल्स

नाकेबंदी से बचने के तरीके

बता दें कि नाकेबंदी से बचने के लिए जहाजों ने कई तरीके अपनाए। कुछ टैंकरों ने अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए। इससे उनकी लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो गया। वहीं कुछ परिस्थितियों में समुद्र में जहाज से जहाज के बीच तेल ट्रांसफर भी किया गया। इससे तेल की असली पहचान छिपाई गई। दूसरी ओर ईरान पहले से ही यह दावा करती रही है कि हॉर्मुज़ पर उसका नियंत्रण है लेकिन उसने यह भी कहा है कि उनका नियंत्रण पहले जैसा ही है। अब इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेनी होगी। तय रूट का पालन करना अनिवार्य होगा।

READ MORE- US की नाकेबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट, हर दिन अरबों का नुकसान!

सुरक्षा को लेकर चिंता

इस पूरे मामले को जानने के बाद से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बता दें कि कुछ दिन पहले भारतीय जहाजों सहित कई विदेशी जहाज पर फायरिंग की घटनाएं आई है। इससे क्षेत्र का माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। जहाज मालिकों ने इसे डबल ब्लॉकेड की स्थिति बताया है। जानकारों का तो यह मानना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो तेल बाजार प्रभावित हो सकता है। अब सब यही चाहते हैं कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो ताकि पूर्व की भांति तेल का कारोबार पटरी पर लौट सके।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

‘Panchayat’ एक्टर का छलका दर्द, मंदिर में आज भी एंट्री बैन
Previous Story

‘Panchayat’ एक्टर का छलका दर्द, मंदिर में आज भी एंट्री बैन

RBI ने एआई मॉडल Claude Mythos से जुड़े साइबर खतरों
Next Story

AI का खतरा बैंकिंग पर मंडराया! RBI ने दुनिया भर में बजाई चेतावनी की घंटी

Latest from Business

Dunzo के पूर्व CEO कबीर बिस्वास का नया AI स्टार्टअप

Dunzo फाउंडर को मिला निवेशकों का साथ, AI स्टार्टअप के लिए 102 करोड़ जुटाई फंडिंग

Kabeer Biswas startup: शहरी जीवन की मुश्किलों को आसान बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। नए स्टार्टअप का
PrimeInvestor funding

19.5 करोड़ की फंड से PrimeInvestor अब सीधे संभालेगा आपका पैसा

PrimeInvestor funding: चेन्नई स्थित वेल्थटेक प्लेटफॉर्म PrimeInvestor अब सिर्फ सलाह देने तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी ने निवेशकों के लिए सीधे पोर्टफोलियो मैनेजमेंट

Don't Miss