Vinod Suryavanshi Story: ‘Panchayat’ एक्टर विनोद सूर्यवंशी ने हाल ही में अपने जीवन के कुछ कड़वे अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया है कि सफलता मिलने के बाद भी उन्हें अपने गांव में आज तक जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उनका सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है।
Panchayat फेम विनोद सूर्यवंशी ने अपने गांव में झेले जातिगत भेदभाव, जानिए कैसे मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने हासिल की सफलता।
गांव में आज भी है जातिवाद
सिद्धार्थ कन्नन से बात करते हुए विनोद ने बताया कि कर्नाटक के उनके गांव में आज भी जातिवाद मौजूद है। गांव में अलग-अलग जातियों के लिए अलग इलाके हैं और दलित परिवारों को अलग रखा जाता है। उन्होंने बताया कि बचपन में जब वह अपने पिता के साथ होटल गए थे, तो खाना खाने के बाद उन्हें खुद अपनी प्लेट धोनी पड़ी और पैसे भी देने पड़े। इतना ही नहीं, आज भी उनके गांव में एक मंदिर ऐसा है, जहां उन्हें जाने की अनुमति नहीं है।
रंग की वजह से झेलना पड़ा रिजेक्शन
विनोद ने अपने करियर की शुरुआत में झेली गई परेशानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि टीवी इंडस्ट्री में कई बार उन्हें उनके लुक्स की वजह से काम नहीं मिला। ऑडिशन में अक्सर ‘रिच लुक’ वाले लोगों की मांग होती थी। एक बार उन्हें एक रोल के लिए चुन लिया गया था, लेकिन शूट के दिन ही उन्हें यह कहकर हटा दिया गया कि उनका रंग सांवला है और टीम को ‘फेयर लुक’ चाहिए।
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बचपन रहा मुश्किलों से भरा
विनोद का बचपन भी आसान नहीं था। उनकी मां घरों में काम करती थीं और पिता मजदूरी करते थे। जब काम नहीं मिलता था, तो उनके पिता शराब पीकर घर आते थे और परिवार में झगड़े होते थे। उन्होंने बताया कि उनका बचपन ऐसा था, जहां खुशियां कम थीं। उन्होंने अपने पिता से नफरत नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार से दुख जरूर होता था।
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मेहनत से बदली जिंदगी
इन सभी मुश्किलों के बावजूद विवोद ने हार नहीं मानी। उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड और जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम किया और धीरे-धीरे आगे बढ़े। आज वह Panchayat के अलावा Jolly LLB 3 और Satyameva Jayate जैसे प्रोजेक्ट्स में भी काम कर चुके हैं।
