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मिडिल ईस्ट युद्ध में GPS क्यों दे रहा गड़बड़ी का संकेत?

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March 27, 2026

Middle East War GPS: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एनालिटिक्स फर्म Kpler ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहे हैं। युद्ध के कारण नेविगेशन सिस्टम पर लगातार तनाव बढ़ रहा है। Windward के अनुसार, पहले 24 घंटे में 1,100 से ज्यादा जहाज GPS हस्तक्षेप का सामना कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी के देशों ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए सैटेलाइट सिग्नल जान-बूझकर जाम किए हैं। इसका मकसद दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल सिस्टम को भ्रमित करना है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक न पहुंच सकें।

मिडिल ईस्ट के युद्ध में फारस की खाड़ी में GPS सिस्टम प्रभावित हुआ है, नेविगेशन सिस्टम की कमजोरी सामने आई।

GPS स्पूफिंग की पुरानी परंपरा

फारसी खाड़ी में GPS में रुकावट कोई नई बात नहीं है। सालों से तेल के टैंकर अपने Automatic Identification System सिग्नलों में बदलाव करके अपनी असली जगह छिपाते आ रहे हैं। इस तरीके को ‘स्पूफिंग’ कहा जाता है। जहाज नकली लोकेशन सिग्नल भेजकर अपनी असली जगह छिपाते हैं। यह तकनीक लंबे समय से समुद्री गुप्त ऑपरेशनों का एक अहम हिस्सा रही है।

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आम लोगों पर असर

जब क्षेत्र में फर्जी GPS सिग्नल भर जाते हैं, तो हर कोई प्रभावित होता है। विमान अपनी असली उड़ान पथ से उड़ान भर रहे हैं। दुबई में फूड डिलीवरी वाले समुद्र के बीच दिखाई दे रहे हैं, जबकि वे असल में शहर की सड़कों पर हैं। इस तरह के GPS हस्तक्षेप ने यह दिखा दिया कि युद्ध और सिग्नल जामिंग का असर आम लोगों और तकनीक दोनों पर पड़ सकता है।

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जब कोई इलाका नकली GPS सिग्नलों से भर जाता है, तो हर कोई इससे प्रभावित होता है। हवाई जहाज अपनी असली उड़ान के रास्तों से भटकते हुए दिखाई देते हैं। दुबई में फूड डिलीवरी वाले ड्राइवर समुद्र के बीच में दिखाई देते हैं, जबकि असल में वे शहर की सड़कों पर होते हैं। इस तरह के GPS हस्तक्षेप ने यह साबित कर दिया है कि युद्ध और सिग्नल जामिंग का असर आम लोगों और तकनीक दोनों पर पड़ सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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