RBI ने एआई मॉडल Claude Mythos से जुड़े साइबर खतरों

AI का खतरा बैंकिंग पर मंडराया! RBI ने दुनिया भर में बजाई चेतावनी की घंटी

7 mins read
62 views
April 22, 2026

RBI AI risk India: भारत में तेजी से डिजिटल हो रहे बैंकिंग सिस्टम के बीच एक नया खतरा उभर रहा है। एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इन्हीं में से एक है Claude Mythos जिसने नियामकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बढ़ती चिंता को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत शुरू की है। इसी सिलसिले में अमेरिका के फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे संस्थानों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। इन सभी देशों से बात करने का एक ही उद्देश्य है संभावित साइबर खतरों को समझना और उनसे निपटने के उपाय तैयार करना।

डेटा सुरक्षा और साइबर अटैक के खतरे के बीच RBI ने AI के उपयोग पर सख्त नियम बनाने की तैयारी शुरू की। जानिए क्यों इसकी पड़ रही है जरूरत?

साइबर हमलों का खतरा

शुरूआता आंकलन में यह सामने आया है कि यह एआई सिस्टम कमजोरियों को तेजी से खोज सकता है। इससे हैकर्स को फायदा मिल सकता है। बैंकिंग सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों का तेजी से दुरुपयोग होने की आशंका जताई जा रही है। इससे लाखों ग्राहकों के डेटा और पैसों पर जोखिम बढ़ सकता है। भारत का डिजिटल भुगतान सिस्टम पहले ही काफी बड़ा हो चुका है। National Payments Corporation of India द्वारा संचालित Unified Payments Interface हर महीने लाखों करोड़ रुपये के लेनदेन को संभालता है। ऐसे में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक का असर व्यापक हो सकता है।

दुनिया भर में बढ़ी चिंता

भारत ही नहीं, दुनिया के कई देश इस खतरे को बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के नियामक भी बैंकों की तैयारी का आंकलन कर रहे हैं। विश्वस्तर पर इस एआई मॉडल को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है। इस बीच जानकारी मिल रही है कि RBI, Anthropic से सीधे संपर्क करने की भी योजना बना सकता है। हालांकि, इस AI मॉडल तक पहुंच आसान नहीं है। इसलिए अभी चुनिंदा अमेरिकी संस्थानों तक ही सीमित रखा गया है।

READ MORE- Cyber Security में सबसे बड़ा धोखा! जब रक्षक निकला हमलावर

NPCI की रणनीति

भारतीय एजेंसियां इस तकनीक को समझने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रही हैं। एनपीसीआई  कुछ बैंकों के साथ मिलकर संभावित कमजोरियों की पहचान करना चाहता है। खासकर जीरो-डे खामियों को पहले ही पकड़ने की कोशिश की जा रही है। लेकिन यहां एक बड़ी बाधा भी है। भारत के डेटा लोकलाइजेशन नियम इस तरह के परीक्षण को सीमित करते हैं। विदेशी सर्वर पर भारतीय ग्राहकों के डेटा का उपयोग करना नियमों के खिलाफ हो सकता है। इससे परीक्षण प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है।

READ MORE- व्हाइट हाउस में AI की एंट्री: Mythos ने तोड़ा विरोध का घेरा

सीमित एक्सेस की चुनौती

फिलहाल RBI विदेशी संस्थानों से जानकारी साझा कर स्थिति को समझने की कोशिश कर रहा है। नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी में है। बैंकों के लिए नई गाइडलाइंस बनाई जा रही हैं। इनमें डेटा सुरक्षा और अनुपालन को प्राथमिकता दी जाएगी। आने वाले समय में एआई और बैंकिंग का यह तालमेल नई चुनौतियां और समाधान दोनों लेकर आ सकता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

US ब्लॉकेड के बावजूद ईरानी तेल की सप्लाई जारी
Previous Story

US नाकेबंदी फेल? हॉर्मुज़ से 34 टैंकर निकल गए, अरबों का तेल खेल उजागर!

Meta employee tracking AI
Next Story

Meta में निगरानी तेज, हजारों नौकरियों पर मंडराया संकट

Latest from Artificial Intelligence

Anthropic, OpenAI execs meet Hindu and Sikh religious leaders as they try to make ethical AI

AI के ‘दिमाग’ में डाले जाएंगे नैतिक मूल्य, धर्मगुरुओं से शुरू हुई चर्चा

Ethical ai discussion: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। अपनी क्षमता के बदौलत हर क्षेत्र में अपना प्रभाव बना चुकी

Don't Miss