ZionSiphon malware: दुनिया में Cyber Attack का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। स्वीडन में थर्मल पॉवर पर साइबर हमले की खबर की चर्चा अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब पानी पर साइबर हमले की खबर ने जोड़ पकड़ लिया है। मतलब अब साफ हो चुका है कि हैकर्स केवल डेटा चोरी या वेबसाइट हैक फोकस नहीं कर रहा है। वे सीधे जीवन से जुड़े संसाधनों को निशाना बना रहे हैं। इसी कड़ी में सामने आया ZionSiphon मालवेयर इस बात का संकेत देता है कि भविष्य की लड़ाइयां पानी और बिजली जैसे जरूरी सेक्टर पर लड़ी जा सकती हैं।
पानी की सप्लाई को प्रभावित करने की कोशिश करने वाला यह मालवेयर, भविष्य के साइबर हमलों की दिशा बदल सकता है।
टारगेट सिर्फ सिस्टम नहीं, पूरी आबादी
इस मालवेयर के कोड में ऐसे संकेत मिले हैं जो इसे एक रणनीतिक हथियार बनाते हैं। एक डिकोडेड मैसेज में Tel Aviv और Haifa की आबादी को जहर देने जैसी खतरनाक मंशा भी सामने आई है। जिसका उद्देश्य डर और अराजकता फैलाना है, न कि केवल सिस्टम को नुकसान पहुंचाना। ZionSiphon सामान्य मालवेयर से अलग है क्योंकि यह औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों, ICS को निशाना बनाता है। खासकर पानी शोधन संयंत्रों से जुड़े सिस्टम जैसे रिवर्स ऑस्मोसिस, डीसैलीनेशन और क्लोरीन मैनेजमेंट को यह पहचानने की कोशिश करता है। यानी यह सीधे उस तकनीक पर हमला करता है, जो लोगों के पीने के पानी को सुरक्षित बनाती है।
हमला साइबर टारगेटिंग का नया तरीका
यह मालवेयर पहले यह जांचता है कि संक्रमित सिस्टम किस देश में है। कहा यह जा रहा है कि अगर लोकेशन इज़राइल नहीं होती, तो यह खुद ही डिवाइस से हट जाता है। लेकिन यदि सिस्टम इज़राइल में होता है। पानी से जुड़े प्लांट का हिस्सा होता है, तब यह सक्रिय होकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। यह स्मार्ट टारगेटिंग साइबर युद्ध के नए तरीके से परिभाषित करते हुए दिखाई दे रही है।
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क्लोरीन और प्रेशर से छेड़छाड़
ZionSiphon का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह पानी में क्लोरीन की मात्रा और दबाव को बदलने की कोशिश करता है। इसके लिए यह Modbus, DNP3 और S7comm जैसे इंडस्ट्रियल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करने वाले डिवाइस खोजता है। अगर सफल होता, तो यह पानी की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता था। साइबर सुरक्षा कंपनी Darktrace के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मालवेयर अभी पूरी तरह विकसित नहीं है। इसके कोड में कई कमियां हैं। जिसके कारण नुकसान की गुंजाईश कम लेकिन आगे चलकर परेशानी पैदा कर सकती है।
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USB के जरिए फैलने की क्षमता
ZionSiphon में एक और खासियत है कि यह USB ड्राइव के जरिए भी फैल सकता है। इसका मतलब ऑफलाइन सिस्टम्स को भी संक्रमित करने की क्षमता रखता है। खासकर उन जगहों के लिए जहां नेटवर्क सुरक्षा मजबूत नहीं होती। वहीं, सवाल यह भी है कि हैकर्स पानी को ही टारगेट पर क्यों लेना चाहते हैं? जिसपर कहा यह जा रहा है कि पानी से जुड़े सिस्टम अक्सर इंटरनेट से जुड़े होते हैं और कई बार उनमें पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती। ऐसे में हैकर्स के लिए यह आसान लक्ष्य बन जाते हैं। इसके अलावा, पानी पर हमला करने से सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
भले ही ZionSiphon अभी पूरी तरह खतरनाक साबित न हुआ हो, लेकिन यह एक बड़ा संकेत है।
