AI Company Controversy: AI कंपनी Anthropic ने अमेरिका की फेडरल कोर्ट में जज से अनुरोध किया है कि वह Pentagon द्वारा उसे ‘सप्लाई चेन रिस्क’ बताने वाले फैसले को अस्थायी तौर पर रोक दे। यह सुनवाई 24 मार्च को कैलिफोर्निया में हुई थी। यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि Anthropic और ट्रंप प्रशासन के बीच लड़ाई है कि कंपनी की AI तकनीक का इस्तेमाल युद्ध में कैसे हो सकता है।
AI कंपनी Anthropic ने Pentagon के ‘सप्लाई चेन रिस्क’ फैसले को रोकने के लिए कोर्ट में मामला दर्ज किया, विवाद ट्रंप प्रशासन और AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर।
Anthropic का मुकदमा
Anthropic ने इस साल पहले मुकदमा दायर किया था। कंपनी का कहना है कि ट्रंप प्रशासन उन पर ‘अन्यायपूर्ण प्रतिशोध’ कर रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी AI तकनीक को बिना शर्त मिलिट्री उपयोग के लिए देने से इनकार किया है। Anthropic जज रीटा लिन से अनुरोध कर रहा है कि Pentagon का यह फैसला और ट्रंप का आदेश को अस्थायी तौर पर रद्द किया जाए।
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क्यों विवाद शुरू हुआ
Anthropic का कहना है कि उसने अमेरिका के भीतर बड़े पैमाने पर निगरानी और पूरी तरह से स्वायत्त हथियारों के लिए अपनी तकनीक के इस्तेमाल को सीमित करने की कोशिश की थी, लेकिन हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि कंपनी को Claude के ‘सभी वैध’ उपयोग स्वीकार करने होंगे। अगर कंपनी नहीं मानी, तो उसे सजा दी जाएगी और CEO डारियो अमोदेई की आलोचना भी की गई।
डारियो अमोदेई ने इस पर कोई समझौता नहीं किया। इसके बाद, ट्रंप ने 27 फरवरी को आदेश दिया कि सभी फेडरल कर्मचारी Anthropic का AI इस्तेमाल बंद कर दें। उन्होंने कंपनी को ‘रैडिकल लेफ्ट, वोक कंपनी’ भी कहा और इसे सैनिकों के लिए खतरा बताया। Pentagon को 6 महीने का समय दिया गया कि वे Anthropic की तकनीक को चरणबद्ध तरीके से हटा दें। इस तकनीक का इस्तेमाल पहले से ही मिलिट्री सिस्टम और क्लासिफाइड प्लेटफॉर्म में हो रहा है, जिनमें ईरान युद्ध से जुड़े सिस्टम भी शामिल हैं।
Anthropic के आरोप और प्रशासन की सफाई
Anthropic का कहना है कि सरकार की कार्रवाई पहला संशोधन और उचित प्रक्रिया कानूनों का उल्लंघन करती है। कंपनी ने कहा कि सरकार अपनी ताकत का इस्तेमाल एक बड़ी अमेरिकी कंपनी को सजा देने के लिए कर रही है, सिर्फ इसलिए कि उसने अपनी राय दी। वहीं, Department of Justice का कहना है कि ट्रंप प्रशासन ने Anthropic के कारोबार पर ध्यान दिया न कि उसके फ्री स्पीच अधिकार पर।
उनका कहना है कि Pentagon को शक हुआ कि कंपनी भरोसेमंद नहीं है और अगर AI का इस्तेमाल युद्ध में हुआ तो नुकसान हो सकता है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि AI सिस्टम बदलने या नियंत्रित करने में संवेदनशील हो सकते हैं। अगर Anthropic ने ‘रेड लाइन’ तय की है और वह पार हो जाए, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
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Pentagon का ज्ञापन और अगला कदम
‘ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी रक्षा उप-सचिव एमिल माइकल का एक ज्ञापन भी कोर्ट में पेश किया। इसमें Pentagon की Anthropic को खतरा मानने की वजह बताई गई है, लेकिन यह साफ नहीं है कि मेमो कब लिखा गया। जज लीन Pentagon से इसके समय और विस्तार के बारे में जानकारी मांग रही हैं।
