Coursera और Udemy का 2.5 बिलियन डॉलर वाला बड़ा मर्जर

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December 18, 2025

Coursera: ऑनलाइन लर्निंग की दुनिया के दो बड़े नाम Coursera और Udemy अब एक साथ आ रहे हैं। बुधवार को दोनों कंपनियों ने घोषणा की है कि Coursera और Udemy का मर्जर एक ऑल स्टॉक डील के जरिए होगा। इसका मकसद बदलती नौकरी और कौशल की मांग के हिसाब से एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करना है।

Coursera और Udemy का मर्जर, AI और बदलते नौकरी कौशल के हिसाब से एक नया ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार करेगा, जानिए डील की पूरी जानकारी और इसके फायदे।

मर्जर का मूल्य और महत्व

16 दिसंबर के स्टॉक प्राइस के हिसाब से, इस संयुक्त कंपनी का मूल्य लगभग 22,500 करोड़ है। छात्रों, प्रशिक्षकों और उन कंपनियों के लिए जो इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं, यह एक बड़ा बदलाव है।

मर्जर क्यों हो रहा है

कंपनियों का कहना है कि यह मर्जर ऐसे समय हो रहा है जब नौकरी के लिए जरूरी कौशल तेजी से बदल रहे हैं। Coursera के CEO ग्रेग हार्ट ने कहा कि AI तेजी से हर उद्योग में जरूरी कौशल बदल रहा है। दुनिया भर के लोग और संगठन ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में हैं जो नए कौशल सीखने की रफ्तार के साथ चल सके। हार्ट ने यह भी कहा कि Coursera और Udemy के मिल जाने से यह प्लेटफॉर्म छात्रों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और सरकारों की बेहतर सेवा देने में सक्षम होगा और तकनीक के बदलाव के साथ सीखने में मदद करेगा।

Udemy के CEO ह्यूगो साराजिन ने कहा कि पिछले 15 सालों में Udemy ने लाखों लोगों को तेजी से बदलते स्किल सीखने में मदद की है। उन्होंने जोड़ा कि यह मर्जर छात्रों, कंपनियों और प्रशिक्षकों के लिए फायदे लेकर आएगा और शेयरहोल्डर्स के लिए भी लंबी अवधि का मूल्य बनाएगा।

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डील की संरचना

यह डील पूरी तरह स्टॉक आधारित है। Udemy के शेयरहोल्डर्स को उनके प्रत्येक Udemy शेयर के लिए 0.800 Coursera शेयर मिलेंगे। यह विनिमय दर पिछले 30 ट्रेडिंग दिनों के औसत प्राइस की तुलना में 26% अधिक है। डील पूरी होने के बाद Coursera के शेयरहोल्डर्स के पास संयुक्त कंपनी का लगभग 59% शेयर होगा, जबकि Udemy के शेयरहोल्डर्स के पास 41% होगा। Coursera डील के बाद एक बड़ा शेयर बायबैक प्रोग्राम भी चलाएगी। दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मर्जर को मंजूरी दे दी है। डील 2026 की दूसरी छमाही में पूरी होने की उम्मीद है, जो नियामक मंजूरी और शेयरहोल्डर वोट पर निर्भर करेगी।

AI और नौकरी में बदलाव

इस मर्जर में AI एक मुख्य भूमिका निभा रहा है। कंपनियों का मानना है कि कौशल सीखना और प्रमाणन अब तेजी से और आसान होना चाहिए। नया प्लेटफॉर्म शुरुआती से लेकर प्रमाणित कौशल तक सब कुछ कवर करेगा। साराजिन ने कहा कि संयुक्त कंपनी हमारे AI-आधारित उत्पाद को तेज करेगी, वैश्विक पहुंच बढ़ाएगी और राजस्व व संचालन में बड़ा लाभ खोलेगी। कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि डील के 24 महीनों में लगभग 115 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सालाना लागत बचत होगी।

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आगे क्या होगा

कुछ बड़े निवेशक भी इस डील का समर्थन कर रहे हैं। Insight Venture Partners और New Enterprise Associates, जो Udemy और Coursera के प्रमुख शेयरहोल्डर्स हैं, ने समर्थन दिया है। Coursera के बोर्ड के अध्यक्ष एंड्रयू एनजी ने भी समर्थन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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