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AI से नौकरी नहीं जाएगी? चीन की अदालत ने कंपनियों को दी साफ चेतावनी!

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May 1, 2026

AI job replacement law China: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में कपनियां आगे रहना चाहती है। इसे अपनाकर काम करने के पौराणिक तौर- तरीके में बदलाव लाना चाहती है। एआई के आने के बाद कंपनियों को यह लगने लगा है कि इससे कम लागत में अधिक काम लिया जा सकता है। यही वजह की टेक कंपनियां नौकरियां खत्म कर रही है या फिर मैनपॉवर को सीमित कर रही है। लेकिन इसपर अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की नौकरी छीन सकती हैं? इसी बहस के बीच चीन  की एक अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। तो आइए जानते हैं विस्तार से।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  के बढ़ते उपयोग के बीच चीन की अदालत का बड़ा फैसला, कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा को गंभीरता से लिया। जानें क्यों?

कोर्ट का स्पष्ट संदेश, AI कोई बहाना नहीं

दरअसल, Hangzhou Intermediate People’s Court ने साफ कर दिया है कि सिर्फ एआई के आने से किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालना गैरकानूनी है। अदालत ने कहा कि ऑटोमेशन को नौकरी खत्म करने का सीधा कारण नहीं माना जा सकता। बता दें कि इस मामले की शुरूआत एक कर्मचारी झोउ से जुड़ा है, जो 2022 में एक एआई कंपनी में क्वालिटी एश्योरेंस सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहा था। उसका काम एआई  मॉडल के आउटपुट की जांच करना और गलत कंटेंट को फिल्टर करना था। समय के साथ कंपनी ने उसी काम के लिए एआई का इस्तेमाल शुरू कर दिया और झोउ को कम वेतन वाली नौकरी ऑफर की। जहां पहले 25000 युआन कमा रहा था वहीं अब उसे 1500 युआन का प्रस्ताव दिया गया। जिसे झोउ ने ठुकरा दिया। जिसके बाद कंपनी ने उसका कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया।

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कानूनी लड़ाई में कर्मचारी को मिला न्याय

झोउ ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। मामला मध्यस्थता  तक पहुंचा। वहां उसे जीत मिली। बाद में कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हांग्जो इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने भी कर्मचारी के पक्ष में फैसला बरकरार रखा। उन्होंने फैसला सुनाया है कि कंपनियाँ कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए नौकरी से नहीं निकाल सकतीं क्योंकि एआई उनका काम कर सकता है। कर्मचारियों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना, इंसान कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का अपने आप में कोई सही कारण नहीं है।

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अपील के दौरान अदालत में जो दलीलें दी गई वो पर्याप्त नहीं थे।  अदालत ने पाया कि कंपनी यह साबित करने में नाकाम रही कि झोउ के लिए अपनी भूमिका निभाना नामुमकिन हो गया था। अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि उसे काफी कम वेतन वाली नौकरी देना, एक उचित पुनर्नियुक्ति नहीं मानी जाएगी। इन्हीं आधारों पर, नौकरी से निकालना गैर-कानूनी करार दिया गया।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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