Big tech ai investment: अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर तेजी से निवेश कर रही हैं। यह निवेश अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। हर कंपनी इस रेस शामिल होना चाहती है और सबसे आगे निकलना चाहती है। यानी एआई में निवेश को लेकर मुकाबला काफी तेज है। लेकिन बाजार का रुख अलग-अलग दिख रहा है। कुछ कंपनियों को निवेशकों का भरोसा मिल रहा है। कुछ कंपनियों पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतना पैसा कब मुनाफे में बदलेगा।
Meta के शेयर गिरे, Alphabet ने मारी बाजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निवेश पर बाजार की अलग-अलग प्रतिक्रिया जानें विस्तार से।
मेटा पर सबसे ज्यादा दबाव
Meta इस समय सबसे ज्यादा दबाव में है। कंपनी ने एआई पर खर्च बढ़ाने की बात कही। इसके बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। शेयर आफ्टर आवर्स ट्रेडिंग में करीब 7 प्रतिशत गिर गए। यानी बाजार भी कंपनी की रणनीति से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। वहीं, मेटा का मानना है कि एआई में लीड लेने के लिए भारी निवेश जरूरी है। लेकिन निवेशक फिलहाल नतीजे देखना चाहते हैं।
बढ़ता खर्च, लेकिन स्पष्ट रोडमैप नहीं
मेटा ने अपने कैपिटल खर्च का अनुमान बढ़ाकर 145 अरब डॉलर कर दिया है। यह पहले के अनुमान से ज्यादा है। कंपनी की सीएफओ ने माना कि एआई के लिए कंप्यूटिंग जरूरतों को पहले कम आंका गया था। अब उसे पूरा करने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। CEO Mark Zuckerberg ने भी साफ कहा कि हर एआई प्रोडक्ट का स्केल कैसे होगा, यह अभी तय नहीं है। इससे निवेशकों के मन में और सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ी रकम लग रही है, लेकिन रिटर्न का रास्ता अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
AI से बदल रहा है काम करने का तरीका
Meta का कहना है कि एआई की गति को पूरी तरह बदल रहा है। अब कम लोग ज्यादा काम कर पा रहे हैं। जुकरबर्ग की माने तो छोटे टीम भी बड़े प्रोजेक्ट तेजी से पूरा कर रही है। ऐसे में इस बदलाव का असर नौकरियों पर भी पड़ सकता है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में वर्कफोर्स का आकार बदल सकता है। कंपनी खुद भी अभी तय नहीं कर पा रही है कि उसे कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी।
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अल्फाबेट ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन
अल्फाबेट ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए। कंपनी के शेयर करीब 7 प्रतिशत बढ़े। कंपनी ने दिखाया कि एआई निवेश अब कमाई में बदल रहा है। गूगल क्लाउड की ग्रोथ 63 प्रतिशत रही। CEO Sundar Pichai ने कहा कंपनी खुद के मॉडल और चिप्स पर काम कर रही है। इससे उसे बाजार में बढ़त मिल रही है। वहीं, Microsoft ने अच्छे नतीजे पेश किए। लेकिन AI में भारी निवेश का असर कैश फ्लो पर दिखा। यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। CEO Satya Nadella ने कहा कि एआई बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी का रन रेट 37 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
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अमेजन को AI से मिल रहा ग्रोथ का सहारा
अमेजन ने भी एआई को अपनी ग्रोथ का बड़ा आधार बताया। कंपनी के क्लाउड बिजनेस AWS में 28 प्रतिशत की ग्रोथ हुई। यह पिछले कई सालों में सबसे तेज है। CEO Andy Jassy ने कहा कि AI एक बड़ा अवसर है। यह हर सेक्टर को बदल देगा। अमेजन अपने एआई चिप्स और पार्टनरशिप पर तेजी से काम कर रहा है।
चारों कंपनियां मिलकर इस साल 650 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर रही हैं। लेकिन निवेशकों की चिंता भी उतनी ही बड़ी है। सवाल है कि इस खर्च का फायदा कब मिलेगा।
