जानें क्यों 50 प्रतिशत नौकरियों के बदलने को एक्सपर्ट्स मान रहे हैं 'वरदान'

जानें क्यों 50 प्रतिशत नौकरियों के बदलने को एक्सपर्ट्स मान रहे हैं ‘वरदान’

8 mins read
56 views
April 29, 2026

Job Transformation: बेंगलुरु में आयोजित फ्यूचर ऑफ वर्क समिट में एआई को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जहाँ एक तरफ उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तकनीकी बदलाव के कारण 50 प्रतिशत नौकरियों पर खतरे की घंटी बजाई,  वहीं सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने इसे विनाश के बजाय विकास की एक प्रक्रिया बताया है। इससे मैसेज साफ है कि काम करने का तरीका बदलेगा, लेकिन काम खत्म नहीं होगा।

बदल रहा है काम का अंदाज…पुरानी स्किल बेकार, नई काबिलियत ही देगी रफ्तार। जानिए एक्सपर्ट का क्या है कहना?

पुराने हुनर की विदाई, नए कौशल स्वागत

कर्नाटक सरकार की आईटी सचिव एन. मंजुला का कहना है कि एआई के गहरे होते प्रभाव से कुछ पारंपरिक भूमिकाएं निश्चित रूप से खत्म होगी।लेकिन यह केवल तस्वीर का एक पहलू है। असल कहानी उन नई भूमिकाओं के इर्द-गिर्द बुनी जा रही है जो आज अस्तित्व में ही नहीं हैं। यह एक ऐसा विकासवादी चरण है जहाँ तकनीक पुराने बोझ को हटाकर भविष्य की उच्च-स्तरीय नौकरियों के लिए रास्ता बना रही है।

कोडिंग का अंत या ‘सुपर-वर्कर्स’ का जन्म

क्वेस कॉर्प के सीईओ लोहित भाटिया ने एक कड़वी लेकिन जरूरी सच्चाई की ओर इशार करते हुएा कहा आज की आधी नौकरियां, विशेषकर एंट्री-लेवल कोडिंग, कल प्रासंगिक नहीं रहेंगी। हालांकि, उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में देखा। उनका मानना है कि हम ट्रांजेक्शन से ट्रांसफॉर्मेशन  की ओर बढ़ रहे हैं। अब कंपनियां भारत से केवल काम पूरा करने की नहीं,भारतीय पेशेवर की पूरी व्यवस्था को नए सिरे से डिजाइन और ऑप्टिमाइज करने की जिम्मेदारी उठा ली है।

रटंत विद्या से ‘बौद्धिक संपदा की ओर

आईटी क्षेत्र का परिदृश्य अब बदल चुका है। अब पारंपरिक सेवा कंपनियों के बजाय एंटरप्राइज टेक टीमें और प्रोडक्ट कंपनियां टैलेंट को अपनी ओर खींच रही हैं। यह बदलाव भारत को बैक ऑफिस की छवि से बाहर निकालकर ‘बौद्धिक संपदा’ निर्माता बनाने की ओर ले जा रहा है। अब फोकस इस पर है कि हम अपनी तकनीक खुद कितनी बेहतर बना सकते हैं।

READ MORE- AI की आंधी में उड़ रहीं नौकरियां, Oracle की छंटनी ने बढ़ाई टेंशन!

स्किलिंग का कर्नाटक मॉडल

भविष्य की इस चुनौती से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के माध्यम से एक मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार कर रही है। एआई और बायोटेक को मिलाकर से उच्च शिक्षा के सिलेबस में एआई को शामिल करने तक की है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल डिग्री धारक नहीं, बल्कि इंडस्ट्री-रेडी बनाना है।

READ MORE- क्या एआई ने ‘फ्रेशर्स’ के लिए नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया है? लिंक्डइन की रिपोर्ट ने बढ़ाई धड़कनें! क्या एआई ने ‘फ्रेशर्स’ के लिए नो-एंट्री का बोर्ड लगा दिया है? लिंक्डइन की रिपोर्ट ने बढ़ाई धड़कनें!

बेंगलुरु से आगे और गिग इकोनॉमी का विस्तार

भविष्य का कार्यबल केवल बेंगलुरु की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार अब कंपनियों को राज्य के अन्य हिस्सों में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जहाँ लागत 15 प्रतिशत तक कम है। इसके साथ ही, फ्रीलांस और ऑन-डिमांड काम को भी औपचारिक पहचान मिल रही है। लोहित भाटिया ने तो यहाँ तक संकेत दिया कि हम 10-मिनट जॉब्स के दौर की ओर बढ़ रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो रोजगार के पुराने प्रक्रिया ध्वस्त हो जाएंगे।

एआई से डरने के बजाय उसे एक टूल की तरह इस्तेमाल करना ही सफलता की कुंजी है।यह समय घबराने का नहीं, बल्कि खुद को फिर से तैयार करने की है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

OTT सब्सक्रिप्शन स्कैम से रहें दूर, 299 में बड़ा जाल
Previous Story

OTT सब्सक्रिप्शन स्कैम से रहें दूर, 299 में बड़ा जाल

C Pannel
Next Story

हैकर्स के निशाने पर cPanel लॉगिन, तुरंत पैच करें अपना सर्वर

Latest from Artificial Intelligence

japan new ai chip 1000 times faster technology

अब नहीं होगा फोन गर्म! चलेगा 1000 गुना तेज़, जानें सुपरफास्ट AI तकनीक

AI accelerator: दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव लगातार बढता जा रहा है। टेक कंपनियों के बीच इसे अपनाने की होड़ मची हुई है।