CLARITY Act पर बड़ा दबाव, ग्रासली समीक्षा से बढ़ी टेंशन

CLARITY Act पर बड़ा दबाव, ग्रासली समीक्षा से बढ़ी टेंशन

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May 5, 2026

Crypto Bill 2026: अमेरिका में क्रिप्टो मार्केट को लेकर चल रही नई बहस अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। सीनेट में चर्चा का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या CLARITY Act के तहत दिए जाने वाले डेवलपर प्रोटेक्शन मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों को कमजोर कर सकते हैं या नहीं। यह पूरा विवाद अमेरिकी कानून 18 U.S.C. 1960 के आसपास घूम रहा है, जो बिना लाइसेंस के मनी ट्रांसफर करने वाले बिजनेस को नियंत्रित करता है।

क्या क्रिप्टो डेवलपर्स को कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए या नहीं? अमेरिका में चल रही इस बहस में 18 U.S.C. 1960 कानून के तहत बड़ा फैसला हो सकता है।

असली विवाद क्या है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, वॉलेट बनाने वाली कंपनियां और ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाले लोगों को ‘मनी ट्रांसमिटर’ माना जाए या नहीं, जो यूजर के पैसे को सीधे कंट्रोल नहीं करते। CLARITY Act के ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर कोई डेवलपर या प्लेटफॉर्म यूजर के फंड को कंट्रोल नहीं करता, तो उसे मनी ट्रांसमिटर नहीं माना जाएगा।

डेवलपर प्रोटेक्शन की जरूरत क्यों?

व्हाइट हाउस के डिजिटल एसेट्स सलाहकार पैट्रिक विट ने कहा है कि सेक्शन 1960 इस बिल की सबसे बड़ी रुकावट है। उनके अनुसार, डेवलपर प्रोटेक्शन जरूरी है ताकि ब्लॉकचेन डेवलपर्स फिर से अमेरिका में काम करने के लिए प्रेरित हों। फिलहाल, केवल करीब 19% क्रिप्टो डेवलपर्स ही अमेरिका में हैं, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।

कानून और सुरक्षा के बीच संतुलन

सीनेट में कुछ नेताओं को चिंता है कि यह प्रोटेक्शन गलत लोगों के लिए रास्ता न खोल दे। सवाल यह है कि क्या इस छूट का फायदा वे लोग भी उठा सकते हैं जो जानबूझकर मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध फंड ट्रांसफर में मदद करते हैं। इसी वजह से प्रस्ताव में यह साफ किया जा रहा है कि अगर कोई डेवलपर जानबूझकर अवैध काम में मदद करता है, तो उसे यह सुरक्षा नहीं मिलेगी।

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ग्रासली की भूमिका क्यों अहम है?

सीनेटर चक ग्रासली इस मामले पर खास नजर रख रहे हैं। वे देख रहे हैं कि CLARITY Act में किए जा रहे बदलाव कहीं मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों को कमजोर तो नहीं कर रहे। पहले भी उन्होंने और सीनेटर डिक डर्बिन ने इस तरह के डेवलपर प्रोटेक्शन पर चिंता जताई थी और कहा था कि इससे क्रिमिनल कानूनों पर असर पड़ सकता है।

DeFi इंडस्ट्री की मांग

क्रिप्टो और DeFi इंडस्ट्री का कहना है कि सिर्फ कोड लिखने या सॉफ्टवेयर बनाने पर डेवलपर्स को मनी ट्रांसमिटर नहीं माना जाना चाहिए। उनका तर्क है कि अगर डेवलपर यूजर के पैसे को कंट्रोल नहीं करता, तो उसे जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

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आगे क्या-क्या होगा?

अब पूरा मामला इस बात पर टिका है कि अंतिम कानून की भाषा कैसी रखी जाती है। अगर डेवलपर्स को सही सुरक्षा मिलती है, तो अमेरिका में क्रिप्टो और इनोवेशन बढ़ सकता है, लेकिन अगर कानून सख्त रहता है, तो DeFi सेक्टर पर असर पड़ सकता है। सीनेट में यह चर्चा अभी जारी है और आने वाले समय में इसका अंतिम फैसला पूरे क्रिप्टो मार्केट की दिशा तय कर सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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